The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation
Wednesday, Feb 11, 2026
Facebook X-twitter Youtube Linkedin
  • About Us
  • Contact Us
Subscribe
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • बाज़ार
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
    • रिन्यूएबल एनर्जी
    • नॉन रिन्यूएबल एनर्जी
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • फर्श से अर्श तक
  • अन्य
Font ResizerAa
The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & InnovationThe Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • बाज़ार
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • फर्श से अर्श तक
  • अन्य
Search
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • बाज़ार
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
    • रिन्यूएबल एनर्जी
    • नॉन रिन्यूएबल एनर्जी
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • फर्श से अर्श तक
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2026 The Industrial Empire. All Rights Reserved.
The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation > ट्रेंडिंग खबरें > Semiconductor Chip: नवी मुंबई बनेगा सेमीकंडक्टर हब, सचिन तेंदुलकर से लेकर ई-पासपोर्ट चिप तक भारत की बड़ी छलांग
ट्रेंडिंग खबरें

Semiconductor Chip: नवी मुंबई बनेगा सेमीकंडक्टर हब, सचिन तेंदुलकर से लेकर ई-पासपोर्ट चिप तक भारत की बड़ी छलांग

Shashank Pathak
Last updated: 15/09/2025 5:04 PM
By
Shashank Pathak
ByShashank Pathak
Follow:
Share
नवी मुंबई में सेमीकंडक्टर फैब यूनिट की आधारशिला
नवी मुंबई में 100 एकड़ में शुरू होगा सेमीकंडक्टर हब, सचिन तेंदुलकर भी हैं निवेशक
SHARE

Semiconductor Chip: भारत सेमीकंडक्टर उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। नवी मुंबई अब इस क्रांति का गवाह बनने जा रहा है। आरआरपी इलेक्ट्रॉनिक्स को 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से सेमीकंडक्टर फैब यूनिट लगाने के लिए 100 एकड़ जमीन आवंटित की गई है। खास बात यह है कि इस मेगा प्रोजेक्ट में मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर भी निवेशक के रूप में जुड़े हैं। इस यूनिट की क्षमता हर महीने 1.25 लाख वेफर्स बनाने की होगी, जो एशिया की सबसे बड़ी और उन्नत फैब यूनिट्स में से एक मानी जाएगी।

फडणवीस ने सौंपी सहमति पत्र
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आरआरपी इलेक्ट्रॉनिक्स को इस प्रोजेक्ट के लिए भूमि आवंटन का सहमति पत्र सौंपा। इस मौके पर उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार इस प्रोजेक्ट की सफलता के लिए हर स्तर पर सहयोग करेगी। चाहे बुनियादी ढांचा हो, नीतिगत समर्थन या स्किल डेवलपमेंट – सरकार हर संभव मदद देगी। फडणवीस ने इसे भारत के लिए ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह प्रोजेक्ट न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश को सेमीकंडक्टर (Semiconductor) उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

छह महीने में शुरू होगा उत्पादन
आरआरपी इलेक्ट्रॉनिक्स के अनुसार, इस फैब यूनिट की लागत करीब 12,035 करोड़ रुपये होगी। कंपनी का लक्ष्य है कि अगले छह महीने के भीतर विनिर्माण कार्य शुरू किया जाए। इसका पहला चरण वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही तक चालू होने की उम्मीद है। कंपनी के चेयरमैन राजेंद्र चोडणकर ने कहा कि यह अधिग्रहण भारत की सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री को नई पहचान देगा और युवाओं के लिए हजारों रोजगार के अवसर पैदा करेगा। नवी मुंबई को इससे वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स मानचित्र पर जगह मिलने की पूरी संभावना है।

भारत में ही बनेगी ई-पासपोर्ट चिप
इसी बीच एक और बड़ी खबर आई है – अब ई-पासपोर्ट के लिए इस्तेमाल होने वाली सिक्योर सेमीकंडक्टर चिप भारत में ही विकसित की जाएगी। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को नई गति देने वाली है। इस प्रोजेक्ट के लिए L&T सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजीज, सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (C-DAC) और IIT गांधीनगर ने एक त्रिपक्षीय समझौता किया है। इस साझेदारी का लक्ष्य ई-पासपोर्ट के लिए पूरी तरह से स्वदेशी और सुरक्षित इंटीग्रेटेड सर्किट (IC) समाधान तैयार करना है।

डिजिटल संप्रभुता की ओर बड़ा कदम
ई-पासपोर्ट के लिए बनने वाली इस चिप और उसके स्मार्ट ऑपरेटिंग सिस्टम को पूरी तरह से ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत विकसित किया जाएगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि इससे जुड़े सभी बौद्धिक संपदा अधिकार (Intellectual Property Rights – IPRs) भारत के पास रहेंगे। इससे देश की डिजिटल संप्रभुता (Digital Sovereignty) मजबूत होगी और आयात पर निर्भरता कम होगी।

भविष्य की संभावनाएं
यह प्रोजेक्ट सिर्फ ई-पासपोर्ट तक ही सीमित नहीं रहेगा। भविष्य में इस स्वदेशी चिप का इस्तेमाल आधार कार्ड, स्मार्ट कार्ड, डिजिटल बैंकिंग और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) डिवाइस जैसे कई क्षेत्रों में किया जा सकेगा। यह पहल सुरक्षा-संवेदनशील क्षेत्रों में विदेशी टेक्नोलॉजी पर भारत की निर्भरता को कम करेगी और देश की डिजिटल सुरक्षा को और मजबूत बनाएगी।

भारत की सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री की नई उड़ान
नवी मुंबई का मेगा प्रोजेक्ट और ई-पासपोर्ट चिप के लिए हुआ समझौता इस बात का संकेत है कि भारत अब सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री (Semiconductor Industry) में सिर्फ उपभोक्ता नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर निर्माता बनने की राह पर है। एक ओर जहां नवी मुंबई फैब यूनिट हजारों रोजगार और औद्योगिक विकास लाएगी, वहीं ई-पासपोर्ट चिप प्रोजेक्ट भारत को डिजिटल सुरक्षा और स्वदेशी टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में मजबूत करेगा। भारत के लिए ये दोनों पहलें भविष्य की उस तस्वीर को साफ करती हैं जिसमें देश इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल टेक्नोलॉजी का वैश्विक केंद्र बनकर उभरेगा। यदि यह योजना सफल हो जाती है तो सबसे बड़ी बात जो है भारत की चीन पर निर्भरता काम हो जाएगी।

TAGGED:Atmanirbhar BharatDigital IndiaE-passport Chipe-passport chip indiaIndustrial EmpireMake in IndiaPM ModiSachin Tendulkar Investment
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article CSIR Startup Conclave 2025 Lucknow – नवाचार और उद्यमिता का संगम स्टार्टअप इंडिया, स्टैंडअप इंडिया: लखनऊ में हो रहा दो दिवसीय CSIR-स्टार्टअप कॉन्क्लेव 2025 का आयोजन
Next Article सुजलॉन एनर्जी को टाटा पावर रिन्यूएबल से FY26 का सबसे बड़ा 838 मेगावाट विंड एनर्जी प्रोजेक्ट ऑर्डर टाटा पावर रिन्यूएबल से सुजलॉन को मिला FY26 का सबसे बड़ा ऑर्डर, 3 राज्यों में ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट होंगे शुरू
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Might Also Like

थर्ड-पार्टी मोटर इंश्योरेंस से सड़क दुर्घटना में कानूनी और वित्तीय सुरक्षा
ऑटो/टेक

Insurance: गाड़ियों के लिए क्यों जरूरी है थर्ड-पार्टी बीमा? आधे वाहन मालिक अब भी हैं अनजान

By
Industrial Empire
'भारत बीज'
अन्य

किसानों के लिए वरदान बनी ‘भारत बीज’ योजना

By
Industrial Empire
India industrial production slowdown October IIP data 13-month low”
ट्रेंडिंग खबरें

Industrial production में भारी सुस्ती: 13 महीनों की सबसे कमजोर रफ्तार, जानें किन कारणों ने लगाया ब्रेक

By
Industrial empire correspondent
सरकार द्वारा गेहूं की जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए स्टॉक लिमिट तय की गई, जिससे व्यापारियों के भंडारण पर नियंत्रण रहेगा।
अन्य

गेहूं की जमाखोरी पर रोक, सरकार ने तय की स्टॉक लिमिट

By
Nisha Mandal
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें
The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation
Facebook X-twitter Youtube Linkedin

Quick links

  • About Us
  • Contact Us
Categories
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • बाज़ार
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • फर्श से अर्श तक
  • अन्य

Policies

  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions

Copyright © 2025 The Industial Empire. All Rights Reserved.

Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?