8 जनवरी 2026 को OpenAI ने आधिकारिक रूप से हेल्थकेयर क्षेत्र में अपनी नई पहल की घोषणा की। कंपनी ने इसे अपनी सबसे महत्वाकांक्षी पहलों में से एक बताया है। इस रणनीति के तहत OpenAI ने दो मुख्य प्लेटफॉर्म पेश किए हैं—एक अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों के लिए एंटरप्राइज-ग्रेड प्लेटफॉर्म “OpenAI for Healthcare” और दूसरा आम उपयोगकर्ताओं के लिए “ChatGPT Health”, जो व्यक्तिगत मेडिकल रिकॉर्ड और वेलनेस डेटा के आधार पर अधिक सटीक और निजी सुझाव देगा।
OpenAI की यह पहल सामान्य स्वास्थ्य सवाल-जवाब से आगे बढ़कर क्लिनिकल वर्कफ्लो, अस्पतालों की नीतियों और मरीजों के लंबे समय के हेल्थ डेटा से गहराई से जुड़ी AI सेवाओं की ओर इशारा करती है। इस नई तकनीक से न केवल इलाज की गुणवत्ता बढ़ाई जा सकेगी, बल्कि प्रशासनिक बोझ भी कम होगा।
OpenAI for Healthcare:
OpenAI for Healthcare प्लेटफॉर्म ChatGPT for Healthcare और OpenAI API को मिलाकर बनाया गया है। इसे इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि अस्पताल और हेल्थ सिस्टम अपने क्लिनिकल प्रोसैस को तेज़, सुरक्षित और अधिक प्रभावी बना सकें। प्रारंभिक चरण में इस प्लेटफॉर्म को AdventHealth, Baylor Scott & White Health, Boston Children’s Hospital, Cedars-Sinai, HCA Healthcare, Memorial Sloan Kettering, Stanford Medicine Children’s Health और UCSF जैसे बड़े संस्थानों ने अपनाया है।
ChatGPT for Healthcare:
यह प्लेटफॉर्म डॉक्टरों, अस्पताल प्रशासन और शोधकर्ताओं के लिए एक सुरक्षित डिजिटल वर्कस्पेस प्रदान करता है। GPT-5 आधारित मॉडल के इस्तेमाल से यह क्लिनिकल, रिसर्च और ऑपरेशनल कार्यों में मदद करता है। इसके माध्यम से डॉक्टर प्रमाण-आधारित जानकारी, मेडिकल रिसर्च और सार्वजनिक स्वास्थ्य सोर्सेज से उद्धृत डेटा प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही, यह अस्पताल की नीतियों और इलाज के तय रास्तों के अनुरूप भी काम करता है। SharePoint जैसे टूल्स के साथ इंटीग्रेशन, डिस्चार्ज समरी और मरीजों के निर्देशों के लिए पहले से तैयार टेम्पलेट, और सुरक्षा उपाय जैसे SAML SSO, डेटा एन्क्रिप्शन और ऑडिट लॉग्स भी इसमें शामिल हैं।
इस पहल के माध्यम से OpenAI हेल्थकेयर सेक्टर में डिजिटल परिवर्तन को तेज़ करने के साथ-साथ मरीजों के इलाज और डॉक्टरों के निर्णयों को अधिक सटीक और सुरक्षित बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। हालांकि, इस तकनीक के साथ डेटा गोपनीयता और सुरक्षा पर भी नए सवाल खड़े हो रहे हैं, जिन्हें संस्थानों और नियामकों द्वारा ध्यान से संभालना होगा।