नई दिल्ली। आरबीएल बैंक (RBL Bank) के शेयर में आने वाले दिनों में अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है। बैंक के सितंबर तिमाही के मजबूत नतीजों के बाद चार प्रमुख ब्रोकरेज कंपनियों ने इसके शेयर पर अपने टारगेट प्राइस बढ़ा दिए हैं। ब्रोकरेज को बैंक के मुनाफे में बढ़ोतरी, कर्ज कारोबार के विस्तार और खराब कर्ज में कमी से आगे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। हालांकि, कुछ विश्लेषकों ने शेयर में पहले से आई तेजी को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह भी दी है।
RBL Bank Share Price Target: किस ब्रोकरेज ने कितना दिया टारगेट?
नुवामा ने आरबीएल बैंक के शेयर पर खरीदारी की सलाह बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस 470 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया है। रिपोर्ट में 418 रुपये का संदर्भ भाव लिया गया है। इस हिसाब से शेयर में करीब 20 फीसदी तेजी की संभावना जताई गई है।
मोतीलाल ओसवाल ने भी शेयर खरीदने की सलाह दी है और 485 रुपये का टारगेट दिया है। इसके मुताबिक, शेयर में करीब 16 फीसदी बढ़त की गुंजाइश है।
एमके ग्लोबल ने टारगेट प्राइस 430 रुपये से बढ़ाकर 475 रुपये कर दिया है। यह संदर्भ भाव के मुकाबले करीब 14 फीसदी संभावित तेजी दर्शाता है।
दूसरी ओर, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने टारगेट 430 रुपये से बढ़ाकर 460 रुपये किया है, लेकिन अपनी रेटिंग ‘खरीदें’ से घटाकर ‘ऐड’ कर दी है। ब्रोकरेज के मुताबिक, पिछले छह महीनों में शेयर करीब 30 फीसदी चढ़ चुका है, जिससे आगे तेजी की गुंजाइश सीमित हो सकती है।
सितंबर तिमाही में मुनाफा 170% बढ़ा
आरबीएल बैंक ने सितंबर तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया। बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर करीब 170 फीसदी बढ़कर 482 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 179 करोड़ रुपये था। जून तिमाही के 254 करोड़ रुपये के मुकाबले भी मुनाफे में करीब 90 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
बैंक की शुद्ध ब्याज आय (NII) 37 फीसदी बढ़कर 2,131 करोड़ रुपये हो गई। वहीं, परिचालन मुनाफा करीब 92 फीसदी बढ़कर 1,396 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, संभावित खराब कर्ज के लिए अधिक प्रावधान करने से मुनाफे पर कुछ दबाव पड़ा।
कर्ज और जमा में भी मजबूत बढ़ोतरी
सितंबर तिमाही में बैंक का कुल कर्ज सालाना आधार पर करीब 42 फीसदी बढ़कर 1.42 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं, ग्राहकों की जमा रकम करीब 34 फीसदी बढ़कर 1.56 लाख करोड़ रुपये हो गई।
बैंक के शुद्ध ब्याज मार्जिन (NIM) में भी सुधार हुआ। यह जून तिमाही के 4.13 फीसदी से बढ़कर सितंबर तिमाही में 4.61 फीसदी हो गया। इससे बैंक की ब्याज से कमाई की स्थिति बेहतर होने का संकेत मिलता है।
खराब कर्ज घटने से मिली राहत
बैंक की एसेट क्वालिटी में भी सुधार दर्ज किया गया। सितंबर तिमाही में सकल एनपीए 1.30 फीसदी से घटकर 1.02 फीसदी और शुद्ध एनपीए 0.37 फीसदी से कम होकर 0.29 फीसदी रह गया। खराब कर्ज में कमी से भविष्य में प्रावधान का बोझ घटने की उम्मीद है। हालांकि, क्रेडिट कार्ड कारोबार में खराब कर्ज की चुनौती पर अभी नजर बनाए रखना जरूरी होगा।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
ब्रोकरेज कंपनियों को उम्मीद है कि नए निवेश, जमा में बढ़ोतरी और कर्ज कारोबार के विस्तार से आरबीएल बैंक की लाभप्रदता में आगे सुधार हो सकता है। कुछ विश्लेषकों ने आने वाले वित्त वर्षों में रिटर्न ऑन एसेट्स बढ़ने का अनुमान भी लगाया है।
हालांकि, ब्रोकरेज के टारगेट अनुमान हैं, गारंटी नहीं। शेयर में निवेश से पहले मौजूदा भाव, बैंक के आगामी नतीजों और अपनी जोखिम क्षमता का आकलन करना जरूरी है।