जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO को खुलते ही निवेशकों का शानदार रिस्पॉन्स मिला। 21 अक्टूबर 2026 को सुबह 10 बजे बोली शुरू होने के करीब 35 मिनट के भीतर इश्यू पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। सुबह 10:35 बजे तक यह 1.01 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आंकड़ों के अनुसार, बिक्री के लिए उपलब्ध 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले 20.03 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिलीं। इस मांग में पात्र संस्थागत निवेशकों (QIB) की अहम भूमिका रही, जिनकी श्रेणी 3.25 गुना सब्सक्राइब हुई।
ग्रे मार्केट में भी दिखी तेजी
IPO को मिले शुरुआती रिस्पॉन्स का असर ग्रे मार्केट में भी देखने को मिला। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) 265 रुपये तक पहुंच गया। 1,119 रुपये के अपर प्राइस बैंड के मुकाबले यह करीब 23.7 फीसदी प्रीमियम का संकेत देता है। हालांकि, ग्रे मार्केट प्रीमियम अनौपचारिक होता है और इसमें बदलाव संभव है। इसे शेयर की लिस्टिंग कीमत या मुनाफे की गारंटी नहीं माना जाना चाहिए।
23 अक्टूबर तक लगा सकते हैं बोली
जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO 21 से 23 अक्टूबर तक खुला रहेगा। कंपनी ने प्रति शेयर 1,065 से 1,119 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। इश्यू के तहत कंपनी की योजना 30,213 करोड़ रुपये जुटाने की है। एक लॉट में 12 शेयर हैं। अपर प्राइस बैंड पर खुदरा निवेशकों को एक लॉट के लिए कम से कम 13,428 रुपये निवेश करने होंगे। रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये और पात्र कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये के शेयर आरक्षित रखे गए हैं। कर्मचारियों को अंतिम इश्यू प्राइस पर प्रति शेयर 54 रुपये की छूट मिलेगी।
52 करोड़ से ज्यादा ग्राहकों का नेटवर्क
जियो प्लेटफॉर्म्स का कारोबार केवल मोबाइल सेवाओं तक सीमित नहीं है। कंपनी अपनी प्रमुख सहायक इकाई रिलायंस जियो इन्फोकॉम के माध्यम से 4G और स्टैंडअलोन 5G सेवाएं उपलब्ध कराती है। इसके अलावा जियोफाइबर और जियो एयरफाइबर के जरिए फिक्स्ड ब्रॉडबैंड सेवाएं भी देती है। मनोरंजन, क्लाउड, गेमिंग, स्मार्ट होम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सेवाएं इसके डिजिटल कारोबार का हिस्सा हैं।
कंपनी के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक उसके 52.44 करोड़ ग्राहक थे। वित्त वर्ष 2026 में भारत के वायरलेस डेटा ट्रैफिक का करीब 60 फीसदी हिस्सा जियो नेटवर्क से गुजरा। कंपनी का वायरलेस ब्रॉडबैंड नेटवर्क देश की 99 फीसदी से अधिक आबादी को कवर करता था। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही तक उसके 28.49 करोड़ 5G ग्राहक थे।
तकनीक और स्पेक्ट्रम में मजबूत स्थिति
जियो नेटवर्क उपकरणों, सॉफ्टवेयर और डिजिटल प्लेटफॉर्म के विकास में भी निवेश कर रही है। कंपनी 6G रिसर्च, नेटवर्क ऑटोमेशन, क्लाउड और AI आधारित तकनीकों पर काम कर रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जियो और उसकी सहायक कंपनियों ने 7,220 पेटेंट आवेदन किए थे, जिनमें 2,655 भारत और 4,565 विदेशों में थे।
30 जून 2026 तक कंपनी के पास 26,800.8 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम था। अलग-अलग फ्रीक्वेंसी बैंड के इस स्पेक्ट्रम से मोबाइल नेटवर्क की पहुंच, डेटा क्षमता और कनेक्टिविटी बेहतर बनाने में मदद मिलती है।
जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO को मिला शुरुआती रिस्पॉन्स निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी दिखाता है। हालांकि, निवेश का फैसला लेने से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, वैल्यूएशन, जोखिम और बाजार की परिस्थितियों का आकलन करना जरूरी है। शुरुआती सब्सक्रिप्शन और GMP भविष्य के रिटर्न की निश्चितता नहीं देते।