देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार एक बार फिर बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (ई-स्कूटर और बाइक) खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है कि केंद्र सरकार PM e-Drive योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी को 31 मार्च के बाद भी करीब तीन महीने तक, यानी जून 2026 तक बढ़ाने पर विचार कर रही है। इससे उन ग्राहकों को फायदा मिल सकता है, जो आखिरी तारीख के कारण जल्दबाजी में निर्णय नहीं ले पाए थे।
क्या है PM e-Drive योजना और कैसे मिलता है फायदा?
PM e-Drive योजना का उद्देश्य देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को बढ़ाना और लोगों को पेट्रोल-डीजल से हटाकर साफ ऊर्जा की ओर प्रेरित करना है। इस योजना के तहत ई-टू-व्हीलर और ई-रिक्शा खरीदने पर ग्राहकों को प्रति किलोवाट (kWh) के हिसाब से 2,500 रुपये की सब्सिडी दी जाती है।
यह छूट सीधे वाहन की कीमत में कम होकर मिलती है, जिससे खरीदारों पर शुरुआती खर्च का बोझ घटता है। सरकार इस योजना के जरिए न सिर्फ ग्राहकों को राहत देना चाहती है, बल्कि मैन्युफैक्चरर्स को भी प्रोत्साहन देती है। बाद में यह सब्सिडी कंपनियों को रिइंबर्स कर दी जाती है, जिससे पूरी प्रक्रिया सुचारू रूप से चलती रहती है।
बजट बचा, इसलिए बढ़ सकती है स्कीम
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इस योजना के लिए आवंटित बजट का अभी पूरा इस्तेमाल नहीं हो पाया है। इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के लिए 1,772 करोड़ रुपये का बजट रखा गया था, जिसमें से अब तक करीब 1,260 करोड़ रुपये ही खर्च हुए हैं। वहीं, इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर (ई-रिक्शा) के लिए 907 करोड़ रुपये के बजट में से लगभग 737 करोड़ रुपये ही उपयोग में आए हैं। यही वजह है कि सरकार चाहती है कि स्कीम को कुछ समय और बढ़ाया जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका लाभ उठा सकें और बचा हुआ बजट भी उपयोग में लाया जा सके।
ई-रिक्शा सेक्टर में क्या है बड़ी चुनौती?
हालांकि योजना का लाभ हर जगह समान रूप से नहीं पहुंच पा रहा है। खासकर ई-रिक्शा बनाने वाली कंपनियों को ‘लोकल पार्ट्स’ यानी घरेलू निर्माण से जुड़े नियमों को पूरा करने में दिक्कत आ रही है। मोटर, बैटरी पैक और इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर जैसे अहम पार्ट्स अब भी बड़े पैमाने पर आयात किए जा रहे हैं। इस वजह से कई कंपनियां सरकार के तय मानकों पर खरी नहीं उतर पा रहीं और सब्सिडी का फायदा नहीं ले पा रही हैं। परिणामस्वरूप, योजना के तहत आवंटित बजट का एक हिस्सा खर्च नहीं हो पा रहा है।
सरकार का बड़ा लक्ष्य: EV अपनाने को बढ़ावा
PM e-Drive योजना का कुल बजट 10,900 करोड़ रुपये है, जो यह दिखाता है कि सरकार इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को लेकर कितनी गंभीर है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश में EV (इलेक्ट्रिक व्हीकल) अपनाने की गति को तेज करना और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाना है। सरकार पहले ही इस योजना को मार्च 2026 से बढ़ाकर मार्च 2028 तक जारी रखने का फैसला कर चुकी है, ताकि इलेक्ट्रिक बस, ट्रक और एंबुलेंस जैसे बड़े वाहनों को भी इसमें शामिल किया जा सके।
क्या आपको अभी EV खरीदना चाहिए?
अगर आप इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आने वाले कुछ महीने आपके लिए सुनहरा मौका हो सकते हैं। सब्सिडी बढ़ने से कीमतों में राहत मिल सकती है और बेहतर डील्स भी देखने को मिल सकती हैं। साथ ही, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच EV एक किफायती और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प बनता जा रहा है। सरकार की यह पहल न सिर्फ उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद है, बल्कि भारत को एक हरित और टिकाऊ भविष्य की ओर ले जाने में भी अहम भूमिका निभा सकती है।