उत्तर प्रदेश में मौसम अपडेट: चक्रवात ‘अर्नब’ के संभावित प्रभाव से उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 28 से 31 अक्टूबर के बीच बेमौसम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की आशंका है। इसे देखते हुए योगी सरकार अलर्ट हो गई है। उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय ने आम लोगों और किसानों के लिए सतर्कता संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, कुछ इलाकों में भारी बारिश के साथ दिन के तापमान में भी गिरावट आ सकती है। [1]
28 अक्टूबर को इन जिलों में तेज हवाओं का अलर्ट
मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, 28 अक्टूबर को सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, गाजीपुर और बलिया में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, 29 अक्टूबर को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका के चलते ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
29 और 30 अक्टूबर को बारिश से बढ़ सकती है परेशानी
चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, रायबरेली, अमेठी और सुल्तानपुर समेत कई जिलों में बारिश होने का अनुमान है। इसके अलावा 30 अक्टूबर को पूर्वांचल, अवध और तराई के कई इलाकों के साथ बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में भी भारी बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।
मौसम में इस बदलाव के कारण प्रदेश के कुछ हिस्सों में दिन के तापमान में 5 से 8 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। ऐसे में लोगों को बदलते मौसम के प्रति सतर्क रहने और मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
आंधी और बिजली चमकने पर क्या करें?
राहत आयुक्त कार्यालय ने लोगों से अपील की है कि आंधी-तूफान के दौरान सुरक्षित पक्के भवन में शरण लें। पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर निर्माणों से दूर रहें। खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा करने से बचें। बिजली कड़कने के दौरान खुले मैदान, खेत और जलाशयों के आसपास न रहें।
किसानों को फसल और पशुधन की सुरक्षा की सलाह
बेमौसम बारिश से कृषि उपज को नुकसान होने की आशंका को देखते हुए किसानों को फसलों और कटाई के बाद खुले में रखी उपज की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की सलाह दी गई है। पशुओं को भी सुरक्षित स्थानों पर रखने को कहा गया है।
प्रशासन ने लोगों से मौसम की ताजा जानकारी के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग के आधिकारिक बुलेटिन और सचेत ऐप पर जारी अलर्ट देखते रहने की अपील की है। मौसम संबंधी निर्देशों का पालन करके संभावित नुकसान को कम किया जा सकता है।