नई दिल्ली: देश में बैंकों से कर्ज लेने की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है। खासकर बड़ी कंपनियां अपनी कारोबारी जरूरतों को पूरा करने के लिए बैंकों से ज्यादा कर्ज ले रही हैं। इससे बैंकिंग सेक्टर के कारोबार को मजबूती मिल रही है। ब्रोकरेज फर्म जेफरीज का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) के मुकाबले बैंक बेहतर स्थिति में हैं। इसी आधार पर ब्रोकरेज ने एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और एचडीएफसी बैंक समेत कई शेयरों पर खरीदारी की राय दी है।
बैंकों के कर्ज में 18% की बढ़ोतरी
जेफरीज की रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त 2026 में बैंकों के कर्ज में सालाना आधार पर 18 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। कंपनियों की ओर से कर्ज की मांग लगातार बढ़ रही है। नवंबर 2025 में कंपनियों के बैंक कर्ज में 11 फीसदी की वृद्धि हुई थी, जो मई 2026 में 19 फीसदी और अगस्त में 22 फीसदी तक पहुंच गई।
इसकी प्रमुख वजह बॉन्ड के जरिए पैसा जुटाने की बढ़ती लागत है। ऐसे में बिजली, केमिकल, थोक व्यापार और एनबीएफसी जैसे क्षेत्रों की कंपनियां बैंकों से अधिक कर्ज ले रही हैं।
SBI, ICICI और HDFC बैंक पर कितना टारगेट?
जेफरीज ने कई प्रमुख बैंक शेयरों में तेजी की संभावना जताई है। ब्रोकरेज के बताए शेयर भाव और टारगेट के मुताबिक, संभावित बढ़त इस प्रकार है।
SBI: 941 रुपये के भाव पर 1,320 रुपये का टारगेट, करीब 40 फीसदी संभावित तेजी।
ICICI बैंक: 1,345 रुपये के भाव पर 1,750 रुपये का टारगेट, करीब 30 फीसदी संभावित तेजी।
एक्सिस बैंक: 1,256 रुपये के भाव पर 1,700 रुपये का टारगेट, करीब 35 फीसदी संभावित तेजी।
HDFC बैंक: 704 रुपये के भाव पर 880 रुपये का टारगेट, करीब 25 फीसदी संभावित तेजी।
इन बैंक शेयरों में भी दिख रहा मौका
जेफरीज को कुछ अन्य बैंक शेयरों में भी बढ़त की संभावना दिख रही है। बंधन बैंक के लिए 240 रुपये का टारगेट दिया गया है, जबकि रिपोर्ट में इसका भाव 157 रुपये बताया गया है। इस आधार पर संभावित बढ़त करीब 53 फीसदी है।
इंडसइंड बैंक के लिए 1,250 रुपये, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के लिए 96 रुपये और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के लिए 1,270 रुपये का टारगेट रखा गया है। हालांकि, ये ब्रोकरेज के अनुमान हैं, गारंटीड रिटर्न नहीं।
निजी बैंक बनाम सरकारी बैंक
जेफरीज के अनुसार, सितंबर 2026 की तिमाही के शुरुआती आंकड़ों में निजी बैंकों के कर्ज में सालाना आधार पर करीब 21 फीसदी वृद्धि का अनुमान है। सरकारी बैंकों के लिए यह आंकड़ा करीब 19 फीसदी रह सकता है। आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक के कर्ज में भी मजबूत बढ़ोतरी का अनुमान जताया गया है।
क्या आगे भी जारी रहेगी तेजी?
ब्रोकरेज का अनुमान है कि मार्च 2027 तक बैंकों के कर्ज की सालाना वृद्धि घटकर करीब 16 फीसदी रह सकती है। वित्त वर्ष 2028 और 2029 में यह लगभग 13 फीसदी रहने की संभावना है।
निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि कर्ज बढ़ने से बैंक का मुनाफा अपने आप नहीं बढ़ता। ब्याज मार्जिन, जमा की लागत और फंसे हुए कर्ज का स्तर भी अहम है। इसलिए किसी बैंक शेयर में निवेश से पहले उसके वित्तीय नतीजों और जोखिमों का आकलन करना जरूरी है।