The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation
Tuesday, Oct 6, 2026
Facebook X-twitter Youtube Linkedin
  • About Us
  • Contact Us
Subscribe
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • बाज़ार
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
    • रिन्यूएबल एनर्जी
    • नॉन रिन्यूएबल एनर्जी
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • फर्श से अर्श तक
  • अन्य
Font ResizerAa
The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & InnovationThe Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • बाज़ार
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • फर्श से अर्श तक
  • अन्य
Search
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • बाज़ार
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
    • रिन्यूएबल एनर्जी
    • नॉन रिन्यूएबल एनर्जी
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • फर्श से अर्श तक
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2026 The Industrial Empire. All Rights Reserved.
The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation > टेलिकॉम > FPIs का कंजम्पशन सेक्टर पर बढ़ा भरोसा, टेलीकॉम और रियल्टी से घटाया निवेश
टेलिकॉमट्रेंडिंग खबरेंबाज़ार

FPIs का कंजम्पशन सेक्टर पर बढ़ा भरोसा, टेलीकॉम और रियल्टी से घटाया निवेश

Last updated: 21/08/2026 5:32 PM
By
Manu Tiwari
ByManu Tiwari
Follow:
Share
अगस्त 2026 में FPIs का भारतीय शेयर बाजार के कंजम्पशन, ऑटो, हेल्थकेयर और आईटी सेक्टर में बढ़ा निवेश
अगस्त के पहले पखवाड़े में FPIs ने कंजम्पशन, ऑटो, हेल्थकेयर और आईटी में निवेश बढ़ाया, जबकि टेलीकॉम और रियल्टी से निकासी की।
SHARE

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने अगस्त 2026 के पहले पखवाड़े में भारतीय शेयर बाजार में निवेश की रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। विदेशी निवेशकों ने जहां खपत आधारित क्षेत्रों, ऑटोमोबाइल, हेल्थकेयर और आईटी में खरीदारी बढ़ाई, वहीं टेलीकॉम, रियल एस्टेट और अन्य कैपिटल-इंटेंसिव सेक्टरों से पैसा निकाला। यह रुझान संकेत देता है कि विदेशी निवेशकों का भारत की कंजम्पशन स्टोरी पर भरोसा अब भी मजबूत है।

सैमको सिक्योरिटीज के एक नोट के मुताबिक, 1 से 15 अगस्त के बीच FPIs ने भारतीय इक्विटी में कुल 16,621 करोड़ रुपये का निवेश किया। सेक्टर के आधार पर सबसे ज्यादा निवेश फाइनेंशियल सर्विसेज में हुआ, जहां विदेशी निवेशकों ने 6,535 करोड़ रुपये लगाए। इसके बाद ऑटोमोबाइल में 4,405 करोड़ रुपये, हेल्थकेयर में 2,910 करोड़ रुपये और आईटी सेक्टर में 2,530 करोड़ रुपये का निवेश आया।

कंजम्पशन सेक्टर बना FPI निवेश का प्रमुख केंद्र

विदेशी निवेशकों की रणनीति में कंज्यूमर-ओरिएंटेड सेक्टर सबसे अहम रहे। कंज्यूमर सर्विसेज में पिछली एसेट्स अंडर कस्टडी (AUC) के मुकाबले 1.23 फीसदी का इनफ्लो दर्ज किया गया, जो इस अवधि में सभी सेक्टरों में सबसे ज्यादा रहा। खास बात यह है कि यह लगातार तीसरा पखवाड़ा है जब कंज्यूमर-ओरिएंटेड सेक्टर AUC-लिंक्ड इनफ्लो के मामले में सबसे आगे रहे।

ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी 0.82 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। बेहतर मांग और कंपनियों की कमाई में सुधार की उम्मीदों ने इस सेक्टर को निवेशकों के लिए आकर्षक बनाया। वहीं कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.74 फीसदी, आईटी में 0.64 फीसदी और हेल्थकेयर में 0.55 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।

टेलीकॉम और रियल्टी में बिकवाली

दूसरी ओर, टेलीकॉम सेक्टर में FPIs ने सबसे ज्यादा बिकवाली की। 1 से 15 अगस्त के बीच इस सेक्टर से 3,322 करोड़ रुपये की निकासी हुई, जो पिछले AUC के मुकाबले 0.89 फीसदी की गिरावट है।

रियल एस्टेट सेक्टर से भी 1,014 करोड़ रुपये निकाले गए। इसके अलावा पावर सेक्टर से 1,164 करोड़ रुपये, कैपिटल गुड्स से 1,556 करोड़ रुपये और कंस्ट्रक्शन सेक्टर से 404 करोड़ रुपये की निकासी हुई।

निवेशकों की रणनीति में बदलाव

सैमको सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च एनालिस्ट राज गाइकर के अनुसार, FPI रुझान सकारात्मक बना हुआ है, लेकिन सेक्टरवार निवेश से स्पष्ट है कि विदेशी निवेशक टेलीकॉम और ज्यादा पूंजी की जरूरत वाले क्षेत्रों से हटकर कंजम्पशन, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और हेल्थकेयर जैसे क्षेत्रों पर फोकस कर रहे हैं।

कुल मिलाकर, FPIs का यह पैटर्न बताता है कि विदेशी निवेशक बदलते आर्थिक और बाजार माहौल में ऐसे सेक्टरों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जहां मांग मजबूत रहने की उम्मीद है और कारोबार अपेक्षाकृत स्थिर है। भारत में बढ़ती घरेलू खपत, आय में संभावित सुधार और उपभोक्ता खर्च में वृद्धि की उम्मीद के बीच कंजम्पशन आधारित कंपनियां विदेशी निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।

Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article सेंसेक्स 512 अंक चढ़ा, निफ्टी ने सात दिन की गिरावट का सिलसिला तोड़ा शेयर बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स 512 अंक चढ़ा
Next Article अगस्त में भारत का HSBC Flash PMI बढ़कर 54.6, सर्विस सेक्टर की ग्रोथ मजबूत अगस्त में निजी क्षेत्र की ग्रोथ में मामूली सुधार !
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Might Also Like

Trump ने ईरान को परमाणु समझौते पर बातचीत या सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी, खाड़ी में अमेरिकी आर्माडा तैनात
ट्रेंडिंग खबरें

Trump ने दी ईरान को धमकी, परमाणु समझौते पर बातचीत करे नहीं तो होगी सैन्य कार्रवाई

By
Manu Tiwari
Donald Trump statement on India-Russia oil deal and Russia’s strong response over India partnership
ट्रेंडिंग खबरें

Trump का दावा, रूस का पलटवार: भारत पर अमेरिकी दबाव पर मॉस्को ने दी सख्त प्रतिक्रिया

By
Manu Tiwari
HRA टैक्स नियमों में बदलाव से नौकरीपेशा कर्मचारियों की इन-हैंड सैलरी बढ़ने की संभावना
ट्रेंडिंग खबरें

नौकरीपेशा लोगों को बड़ी राहत! HRA टैक्स नियम बदलने की तैयारी, इन शहरों में बढ़ सकती है इन-हैंड सैलरी

By
Manu Tiwari
भारत की टेलीकॉम कंपनियाँ 6G स्पेक्ट्रम के लिए सरकार से पूरा 6 गीगाहर्ट्ज बैंड मांग रही हैं – JIO, Airtel और Vodafone Idea
टेलिकॉम

6G स्पेक्ट्रम पर JIO, Airtel और VI की मांग, मोबाइल नेटवर्क को मिले पूरा 6 गीगाहर्ट्ज बैंड

By
Manu Tiwari
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें
The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation
Facebook X-twitter Youtube Linkedin

Quick links

  • About Us
  • Contact Us
Categories
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • बाज़ार
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • फर्श से अर्श तक
  • अन्य

Policies

  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions

Copyright © 2025 The Industial Empire. All Rights Reserved.

Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?