सोने की कीमतों में इस साल तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। साल की शुरुआत में रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब पहुंचने के बाद अब पीली धातु की कीमत में करीब 26 फीसदी तक की गिरावट आ चुकी है। ऐसे में उन निवेशकों की नजर एक बार फिर सोने पर है, जो लंबी अवधि के लिए निवेश की योजना बना रहे हैं। सवाल यह है कि मौजूदा गिरावट सोने में एंट्री का अवसर है या अभी और इंतजार करना बेहतर होगा?
टाटा म्युचुअल फंड के विश्लेषण के मुताबिक, हाल की कमजोरी को सोने के बुनियादी आधार में आई बड़ी गिरावट के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में वृद्धि और डॉलर की मजबूती ने सोने पर दबाव बनाया है। आम तौर पर मजबूत डॉलर और ज्यादा बॉन्ड यील्ड सोने जैसे गैर-ब्याज देने वाले निवेश की आकर्षकता को कम करते हैं।
सोने के लिए लंबी अवधि के सपोर्ट कायम
कीमतों में गिरावट के बावजूद सोने की मांग को सहारा देने वाले कई बड़े कारण अभी मौजूद हैं। दुनिया के कई केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार में विविधता लाने के लिए सोने की खरीद बढ़ा रहे हैं। इसके अलावा वैश्विक कर्ज, राजकोषीय घाटे और भू-राजनीतिक तनाव जैसी चिंताएं भी सोने को सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में समर्थन दे सकती हैं।
केंद्रीय बैंकों की खरीदारी खास तौर पर महत्वपूर्ण हो गई है। हाल के वर्षों में यह मांग का एक मजबूत स्रोत बनी है। इससे गोल्ड ETF से होने वाली निकासी का असर काफी हद तक संतुलित हुआ है।
चीन की मांग भी अहम
वैश्विक गोल्ड मार्केट में चीन की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण बनी हुई है। वहां फिजिकल गोल्ड की मांग के साथ गोल्ड ETF और केंद्रीय बैंक की खरीदारी भी बाजार को समर्थन दे रही है। यदि चीन में निवेश और खुदरा मांग मजबूत रहती है, तो इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमतों को सहारा मिल सकता है।
चांदी में अलग तस्वीर
चांदी का बाजार सोने से कुछ अलग तरीके से काम करता है। इसमें निवेश मांग के अलावा औद्योगिक उपयोग भी बड़ा कारक है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में इस्तेमाल के कारण चांदी की मांग को लंबे समय में समर्थन मिल सकता है।
वहीं, सप्लाई की कमी और चांदी की रिफाइनिंग तथा सप्लाई चेन में चीन की बड़ी भूमिका बाजार के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, चांदी में कीमतों का उतार-चढ़ाव सोने की तुलना में ज्यादा हो सकता है।
क्या अभी निवेश करना चाहिए?
सोने की मौजूदा गिरावट लंबी अवधि के निवेशकों के लिए पहले की तुलना में बेहतर एंट्री प्वाइंट उपलब्ध करा सकती है, लेकिन सिर्फ कीमत में आई बड़ी गिरावट देखकर पूरी रकम एक साथ लगाना जोखिम भरा हो सकता है।
निवेशक अपनी जोखिम क्षमता और निवेश अवधि को ध्यान में रखते हुए चरणबद्ध तरीके से निवेश करने पर विचार कर सकते हैं। इससे किसी एक कीमत पर पूरा निवेश करने का जोखिम कम होता है। सोने को पोर्टफोलियो में डायवर्सिफिकेशन और जोखिम से बचाव के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है, जबकि चांदी में निवेश औद्योगिक मांग से जुड़ा अतिरिक्त अवसर दे सकता है।
नोट: सोना या चांदी खरीदने से पहले अपने वित्तीय लक्ष्य, जोखिम क्षमता और निवेश अवधि को ध्यान में रखें। यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है, निवेश सलाह नहीं।