The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation
Monday, Oct 5, 2026
Facebook X-twitter Youtube Linkedin
  • About Us
  • Contact Us
Subscribe
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • बाज़ार
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
    • रिन्यूएबल एनर्जी
    • नॉन रिन्यूएबल एनर्जी
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • फर्श से अर्श तक
  • अन्य
Font ResizerAa
The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & InnovationThe Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • बाज़ार
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • फर्श से अर्श तक
  • अन्य
Search
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • बाज़ार
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
    • रिन्यूएबल एनर्जी
    • नॉन रिन्यूएबल एनर्जी
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • फर्श से अर्श तक
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2026 The Industrial Empire. All Rights Reserved.
The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation > ट्रेंडिंग खबरें > चीनी की बढ़ती कीमतों पर सरकार सख्त, स्टॉक रखने की सीमा घटाकर 15 दिन !
ट्रेंडिंग खबरेंबाज़ार

चीनी की बढ़ती कीमतों पर सरकार सख्त, स्टॉक रखने की सीमा घटाकर 15 दिन !

Last updated: 20/08/2026 2:03 PM
By
Manu Tiwari
ByManu Tiwari
Follow:
Share
चीनी की बढ़ती कीमतों पर सरकार ने स्टॉक सीमा घटाकर 15 दिन की
घरेलू बाजार में चीनी की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने डीलरों के लिए स्टॉक रखने की सीमा 30 दिन से घटाकर 15 दिन कर दी है।
SHARE

घरेलू बाजार में चीनी की रिकॉर्ड बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने स्टॉक रखने के नियम और सख्त कर दिए हैं। नए आदेश के अनुसार, हर महीने 10 टन से अधिक चीनी का इस्तेमाल करने वाले डीलर अब अधिकतम 15 दिनों का स्टॉक ही रख सकेंगे। यह आदेश 1 सितंबर से लागू होकर 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। सरकार का उद्देश्य बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाना और कीमतों पर नियंत्रण रखना है।

पहले 30 दिन की थी स्टॉक सीमा

सरकार ने पिछले महीने भी चीनी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्टॉक लिमिट लागू की थी। उस समय डीलरों को अधिकतम 30 दिनों का स्टॉक रखने की अनुमति थी। अब इसे घटाकर 15 दिन कर दिया गया है। सरकार को उम्मीद है कि इससे बड़े कारोबारी जरूरत से ज्यादा चीनी जमा नहीं कर पाएंगे और बाजार में नियमित आपूर्ति बनी रहेगी।

एक महीने में करीब 10 फीसदी बढ़ी कीमतें

घरेलू बाजार में पिछले एक महीने के दौरान चीनी की कीमतों में करीब 10 फीसदी की तेजी देखने को मिली है और कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। महाराष्ट्र में मिल स्तर पर चीनी की कीमत 5,400 से 5,560 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई है। मार्च 2026 से कीमतों में लगातार तेजी देखी जा रही है। आने वाले त्योहारों के कारण अगले कुछ महीनों तक कीमतों पर दबाव बने रहने की आशंका है।

त्योहारों से पहले बढ़ी चीनी की मांग

भारत में अगस्त से नवंबर के बीच चीनी की मांग आमतौर पर बढ़ जाती है। इस दौरान गणेश चतुर्थी, दशहरा और दिवाली जैसे प्रमुख त्योहार आते हैं। मिठाई, बिस्कुट और कन्फेक्शनरी बनाने वाली कंपनियां त्योहारों से पहले बड़े पैमाने पर चीनी की खरीद करती हैं। मांग बढ़ने के कारण बाजार में कीमतों पर दबाव और बढ़ जाता है।

सरकार का मानना है कि स्टॉक सीमा को कम करने से जमाखोरी पर रोक लगेगी और बड़े खरीदारों द्वारा जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की संभावना कम होगी।

करीब 10 लाख टन कच्ची चीनी आयात की तैयारी

रिकॉर्ड कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार करीब 10 लाख टन कच्ची चीनी के आयात की अनुमति देने पर भी विचार कर रही है। ऐसा होने पर भारत लगभग एक दशक के बाद चीनी का आयात कर सकता है। इससे घरेलू बाजार में अतिरिक्त आपूर्ति बढ़ाने और कीमतों को नियंत्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। उद्योग सूत्रों के मुताबिक, इससे पहले 2016-17 सीजन में भारत ने कच्ची चीनी के आयात की अनुमति दी थी।

उत्पादन और खपत का बढ़ता अंतर

चीनी की कीमतों में तेजी का एक बड़ा कारण उत्पादन और खपत के बीच बढ़ता अंतर माना जा रहा है। 2025-26 सीजन में एथनॉल उत्पादन के लिए 24 लाख टन चीनी के इस्तेमाल के बाद भारत का शुद्ध चीनी उत्पादन करीब 2.79 करोड़ टन रहने का अनुमान है। सीजन की शुरुआत में लगभग 47 लाख टन का शुरुआती स्टॉक था, जिससे कुल उपलब्धता करीब 3.26 करोड़ टन रही।

वहीं, इस सीजन में घरेलू चीनी खपत करीब 2.8 करोड़ टन रहने का अनुमान है। इसके अलावा सरकार ने नवंबर 2025 में पहले 15 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति दी थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 20 लाख टन कर दिया गया।

मौसम भी बढ़ा रहा चिंता

चीनी की कीमतों पर मौसम का असर भी दिखाई दे रहा है। देश के कुछ हिस्सों में असमान बारिश और शुष्क मौसम के कारण गन्ने की फसल को लेकर चिंता बढ़ी है। गन्ने की खेती के लिए पर्याप्त पानी जरूरी होता है। ऐसे में बारिश की कमी से भविष्य के उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है। दूसरी तरफ त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से कीमतों पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है।

सरकार के लिए क्यों अहम है चीनी का बाजार?

भारत दुनिया के सबसे बड़े चीनी उपभोक्ता देशों में शामिल है। चीनी की कीमतों का सीधा असर मिठाई, पेय पदार्थ, बिस्कुट और कन्फेक्शनरी जैसे कई उत्पादों की लागत पर पड़ता है। त्योहारों के दौरान इसकी मांग और बढ़ जाती है। ऐसे में सरकार की प्राथमिकता बाजार में पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखना, जमाखोरी रोकना और उपभोक्ताओं को अत्यधिक कीमतों से राहत देना है।

Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेश बढ़ाने के लिए SEBI के प्रस्तावित सुधार विदेशी निवेश रोकने के लिए सेबी के बड़े सुधार !
Next Article पावर डिमांड बढ़ने से अडानी पावर, NTPC और पावरग्रिड समेत पावर शेयर फोकस में पावर सेक्टर में तेजी, इन शेयरों पर नजर !
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Might Also Like

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर चर्चा करते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
ट्रेंडिंग खबरें

India US Trade Deal: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बन सकती है सहमति, घटेगी टैरिफ

By
Manu Tiwari
ट्रेंडिंग खबरें

चित्रकूट को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा नया लिंक एक्सप्रेसवे कैबिनेट ने दी मंजूरी

By
Industrial empire correspondent
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा विदेशी आयात पर 15 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ बढ़ाने की घोषणा
ट्रेंडिंग खबरें

सुप्रीम कोर्ट के झटके के बाद ट्रंप का बड़ा कदम: 15% हुआ रेसिप्रोकल Tariff

By
Manu Tiwari
Trump Tariffs India Impact: प्रमिला जयपाल ने ट्रंप की टैरिफ नीति पर सवाल उठाए
ट्रेंडिंग खबरें

Trump Tariffs: भारत पर टैरिफ से अमेरिका को ही नुकसान! प्रमिला जयपाल ने ट्रंप पर साधा निशाना

By
Manu Tiwari
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें
The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation
Facebook X-twitter Youtube Linkedin

Quick links

  • About Us
  • Contact Us
Categories
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • बाज़ार
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • फर्श से अर्श तक
  • अन्य

Policies

  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions

Copyright © 2025 The Industial Empire. All Rights Reserved.

Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?