मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को जोरदार बिकवाली देखने को मिली। पिछले सप्ताह की तेजी के बाद सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1,020 अंक तक फिसलकर 73,708 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी गिरकर 22,845 तक आ गया। बैंकिंग शेयरों में बिकवाली, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और विदेशी निवेशकों की निकासी ने बाजार पर दबाव बनाया। इस गिरावट के चलते निवेशकों की संपत्ति में करीब 4.3 लाख करोड़ रुपये की कमी आई।
निवेशकों को 4.3 लाख करोड़ रुपये का नुकसान
बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण शुक्रवार के 472.62 लाख करोड़ रुपये से घटकर सोमवार दोपहर करीब 1:50 बजे 468.30 लाख करोड़ रुपये रह गया। इस तरह निवेशकों की संपत्ति में लगभग 4.32 लाख करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी कमजोरी रही, हालांकि इनमें गिरावट प्रमुख सूचकांकों के मुकाबले कम थी।
बैंकिंग शेयरों में भारी बिकवाली
बाजार की गिरावट में बैंकिंग शेयरों की अहम भूमिका रही। HDFC बैंक और एक्सिस बैंक जैसे बड़े शेयरों में बिकवाली से निजी बैंकिंग इंडेक्स करीब 2 फीसदी नीचे आ गया। सितंबर तिमाही के नतीजों के बाद निवेशक बैंकों की कमाई, भविष्य की ग्रोथ और प्रबंधन से जुड़े संकेतों का आकलन कर रहे हैं। कंपनियों के नतीजों के साथ प्रबंधन की आगे की संभावनाओं पर टिप्पणियां भी शेयरों की दिशा तय कर सकती हैं।
कच्चे तेल और FPI बिकवाली से बढ़ी चिंता
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें भारतीय शेयर बाजार के लिए बड़ी चिंता बनी हुई हैं। ब्रेंट क्रूड हाल में 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचा था। सोमवार को कीमतों में कुछ नरमी आई, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के कारण आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। महंगा तेल भारत के आयात बिल और महंगाई पर दबाव बढ़ा सकता है।
दूसरी ओर, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की बिकवाली भी बाजार को कमजोर कर रही है। अक्टूबर में अब तक करीब 52,100 करोड़ रुपये की निकासी का आंकड़ा सामने आया है। कमजोर वैश्विक संकेतों और एशियाई बाजारों की गिरावट ने भी निवेशकों की धारणा प्रभावित की।
बर्नस्टीन ने घटाया निफ्टी का टारगेट
ग्लोबल ब्रोकरेज बर्नस्टीन ने दिसंबर 2026 के लिए निफ्टी का लक्ष्य 26,000 से घटाकर 25,000 कर दिया है। ब्रोकरेज ने कच्चे तेल, आर्थिक परिस्थितियों और सप्लाई चेन से जुड़े जोखिमों को इसकी वजह बताया है। हालांकि, नया लक्ष्य मौजूदा स्तर से आगे बढ़ने की संभावना दर्शाता है।
बाजार में उतार-चढ़ाव का सूचक इंडिया VIX भी 5.5 फीसदी से अधिक उछलकर 14.84 पर पहुंच गया। ऐसे माहौल में निवेशकों के लिए कंपनियों के नतीजों, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर नजर रखना अहम होगा।