नई दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को लेकर शेयर बाजार में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ रही है। आईपीओ खुलने से पहले ही ग्रे मार्केट में इसके शेयर प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं। 16 अक्टूबर 2026 को उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) करीब 224 से 225 रुपये है। इस आधार पर शेयर की संभावित लिस्टिंग 1,343 से 1,344 रुपये के आसपास होने का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि, ग्रे मार्केट के ये आंकड़े अनौपचारिक हैं और वास्तविक लिस्टिंग कीमत अलग हो सकती है।
₹1,119 है आईपीओ का ऊपरी प्राइस बैंड
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ का प्राइस बैंड 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर निर्धारित किया गया है। अगर निवेशकों को शेयर ऊपरी प्राइस बैंड पर मिलते हैं और लिस्टिंग के समय 225 रुपये का जीएमपी बना रहता है, तो शेयर की अनुमानित कीमत 1,344 रुपये हो सकती है। इस स्थिति में निवेशकों को प्रति शेयर करीब 20.1 प्रतिशत का संभावित लिस्टिंग गेन मिल सकता है।
रिटेल निवेशकों के लिए एक लॉट में 12 शेयर शामिल हैं। ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से एक लॉट के लिए 13,428 रुपये निवेश करने होंगे। यदि शेयर 1,344 रुपये पर सूचीबद्ध होता है, तो 12 शेयरों की बाजार कीमत 16,128 रुपये होगी। इस तरह एक लॉट पर करीब 2,700 रुपये का संभावित मुनाफा हो सकता है। यह गणना अनुमानित लिस्टिंग कीमत पर आधारित है, इसमें शुल्क और कर शामिल नहीं हैं। वास्तविक लाभ की कोई गारंटी नहीं है।
21 अक्टूबर को खुलेगा जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा। शेयरों की संभावित लिस्टिंग 28 अक्टूबर को बीएसई और एनएसई पर हो सकती है। कंपनी इस आईपीओ के जरिए करीब 30,213 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है। इस आकार के कारण यह भारतीय शेयर बाजार के बड़े सार्वजनिक निर्गमों में शामिल हो सकता है।
क्या होता है ग्रे मार्केट प्रीमियम?
ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP वह अतिरिक्त कीमत है, जिस पर किसी कंपनी के आईपीओ के शेयर आधिकारिक लिस्टिंग से पहले अनौपचारिक बाजार में खरीदे-बेचे जाते हैं। इससे निवेशकों के शुरुआती रुझान और आईपीओ को लेकर बाजार की दिलचस्पी का अंदाजा लगाया जाता है।
हालांकि, ग्रे मार्केट सेबी के नियंत्रण वाला आधिकारिक शेयर बाजार नहीं है। यहां का प्रीमियम तेजी से बदल सकता है और लिस्टिंग के दिन तक इसमें बड़ा उतार-चढ़ाव संभव है। इसलिए निवेशकों को केवल जीएमपी देखकर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। आईपीओ में पैसा लगाने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार की संभावनाओं, जोखिमों और आधिकारिक दस्तावेजों का अध्ययन करना जरूरी है।