देश में त्योहारी सीजन का असर ऑटोमोबाइल सेक्टर की बिक्री पर साफ दिखाई दिया है। अक्टूबर महीने में यात्री वाहनों (पैसेंजर व्हीकल) की घरेलू थोक बिक्री में सालाना आधार पर 12.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस दौरान कुल 5,28,384 वाहनों की बिक्री हुई, जबकि पिछले साल अक्टूबर में यह आंकड़ा इससे कम था। वाहन बाजार में आई इस तेजी के पीछे त्योहारी मांग, जीएसटी दरों में कटौती, आयकर में राहत और अपेक्षाकृत कम ब्याज दरों को प्रमुख वजह माना जा रहा है।
मारुति सुजुकी इंडिया के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी (मार्केटिंग एंड सेल्स) पार्थो बनर्जी ने रविवार को वीडियो प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इन आर्थिक राहतों ने ग्राहकों के लिए वाहन खरीदना आसान बनाया है। इसके अलावा, दोपहिया वाहन इस्तेमाल करने वाले ग्राहक भी अब कार खरीदने की ओर आकर्षित हो रहे हैं। कंपनी के मुताबिक, जीएसटी 2.0, पहले घोषित आयकर राहत और भारतीय रिजर्व बैंक की अपेक्षाकृत कम रेपो दर ने बाजार में मांग बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।
मारुति सुजुकी की बिक्री में 20.5% की बढ़ोतरी
देश की सबसे बड़ी यात्री वाहन निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने अक्टूबर में 2,12,384 वाहनों की घरेलू थोक बिक्री दर्ज की। पिछले साल इसी महीने कंपनी ने 1,76,318 वाहन बेचे थे। इस तरह कंपनी की बिक्री में सालाना आधार पर 20.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई। कंपनी को छोटी कारों, एसयूवी, सेडान और मल्टी-पर्पज वाहनों की अच्छी मांग का फायदा मिला।
हालांकि, बढ़ती मांग के बीच कंपनी के सामने वाहनों की आपूर्ति बनाए रखने की चुनौती भी है। पार्थो बनर्जी के अनुसार, अक्टूबर के अंत में मारुति के डीलर नेटवर्क के पास केवल 12 दिन का स्टॉक बचा था। स्थिति यह थी कि खुदरा बिक्री थोक बिक्री से अधिक रही। इससे डीलरशिप पर उपलब्ध वाहनों का भंडार कम हो गया है।
उत्पादन बढ़ाने में जुटी कंपनी
मारुति सुजुकी मांग को पूरा करने के लिए लगातार अपना उत्पादन बढ़ा रही है। कंपनी के कॉरपोरेट मामलों के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी राहुल भारती के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में औसत दैनिक उत्पादन 9,100 वाहन था, जो दूसरी तिमाही में बढ़कर 9,600 वाहन हो गया। अक्टूबर में इसे और बढ़ाकर 10,100 वाहन प्रतिदिन तक पहुंचाया गया।
अक्टूबर में कंपनी का कुल उत्पादन लगभग 2.60 लाख वाहनों तक पहुंच गया, जो पिछले साल के इसी महीने की तुलना में करीब 35 प्रतिशत अधिक है। कंपनी ने उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी, बेहतर कार्यक्षमता और अधिक कार्य दिवसों को इसका प्रमुख कारण बताया। इसके बावजूद मांग अभी भी आपूर्ति से अधिक बनी हुई है।
टाटा, महिंद्रा और हुंडई की बिक्री भी बढ़ी
अक्टूबर में अन्य प्रमुख वाहन कंपनियों ने भी घरेलू बाजार में अच्छा प्रदर्शन किया।
टाटा मोटर्स ने 73,894 यात्री वाहनों की थोक बिक्री की, जबकि पिछले साल अक्टूबर में यह आंकड़ा 61,134 था। महिंद्रा एंड महिंद्रा ने 73,338 वाहनों की बिक्री दर्ज की, जबकि पिछले साल इसी महीने में कंपनी ने 71,624 वाहन बेचे थे।
वहीं, हुंडई मोटर इंडिया की घरेलू थोक बिक्री 62,799 वाहनों पर पहुंच गई। अक्टूबर 2025 में कंपनी ने 53,792 वाहन बेचे थे। हुंडई के एमडी और सीईओ तरुण गर्ग ने इस प्रदर्शन का श्रेय त्योहारी सीजन की मजबूत मांग और घरेलू व निर्यात बाजारों में तेजी को दिया। कंपनी के मुताबिक, हाल में लॉन्च हुई हुंडई बेयॉन भी भारत सहित 50 से अधिक निर्यात बाजारों में उसकी वृद्धि को मजबूती देगी।
दूसरी ओर, किया इंडिया ने अक्टूबर में 33,462 वाहनों की घरेलू थोक बिक्री दर्ज की, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह आंकड़ा 29,556 था।
कुल मिलाकर अक्टूबर के बिक्री आंकड़े बताते हैं कि भारतीय यात्री वाहन बाजार में मांग मजबूत बनी हुई है। त्योहारी खरीदारी और ग्राहकों को मिली आर्थिक राहत ने ऑटोमोबाइल कंपनियों को बेहतर प्रदर्शन का अवसर दिया है। हालांकि, बढ़ती मांग के मुकाबले उत्पादन और डीलर स्टॉक बनाए रखना कंपनियों के लिए आने वाले समय में अहम चुनौती रह सकता है।