भारतीय शेयर बाजार में 5 नवंबर को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। मजबूत वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों की खरीदारी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से घरेलू बाजार में उत्साह बढ़ा। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 1,600 अंक उछल गया, जबकि निफ्टी में भी 400 से अधिक अंकों की तेजी दर्ज की गई। इस तेजी के साथ बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण पहली बार 500 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया।
सेंसेक्स और निफ्टी में जोरदार उछाल
गुरुवार को बाजार खुलते ही निवेशकों ने जमकर खरीदारी की। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 79,000 का स्तर पार कर गया और सुबह करीब 10 बजे 1,570 अंकों की बढ़त के साथ 78,840 के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी भी 24,442 के स्तर तक पहुंच गया। इसमें करीब 435 अंकों की तेजी देखने को मिली।
निफ्टी के 50 में से 41 शेयर बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। श्रीराम फाइनेंस और बजाज फाइनेंस के शेयरों में 5 प्रतिशत से अधिक की तेजी रही। दूसरी ओर, अपोलो हॉस्पिटल्स के शेयरों में 3 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
बाजार पूंजीकरण 500 लाख करोड़ के पार
शेयर बाजार में आई तेजी का असर कंपनियों के कुल बाजार मूल्य पर भी दिखाई दिया। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण पहली बार 500 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचकर करीब 501 लाख करोड़ रुपये हो गया। पिछले कारोबारी सत्र में बाजार बंद होने के समय यह आंकड़ा 494.4 लाख करोड़ रुपये था। यानी एक ही सत्र में कंपनियों के कुल बाजार मूल्य में करीब 7 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से राहत
भारतीय बाजार के लिए कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भी बड़ा सकारात्मक संकेत बनी। ब्रेंट क्रूड की कीमतें एक सप्ताह में करीब 16 प्रतिशत गिरकर 94 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गईं। यह करीब दो महीने का निचला स्तर है। पिछले कारोबारी सत्र में भी कच्चे तेल के भाव में लगभग 9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में तेल की कीमतें घटने से आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव कम होने की उम्मीद रहती है।
विदेशी निवेशकों की वापसी से बाजार को मजबूती
बाजार में तेजी की एक अहम वजह विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FIIs की खरीदारी भी रही। पिछले कारोबारी सत्र में विदेशी निवेशकों ने करीब 7,284 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। लंबे समय बाद विदेशी निवेशकों की ओर से आई इस खरीदारी ने घरेलू बाजार का भरोसा मजबूत किया है।
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर के मुताबिक, विदेशी निवेशकों की दोबारा खरीदारी शुरू होना भारतीय शेयर बाजार के लिए राहत की बात है। यदि आने वाले सत्रों में भी यह सिलसिला जारी रहता है, तो बाजार की रिकवरी को और मजबूती मिल सकती है।
अमेरिकी बाजारों की तेजी का भी असर
वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने भी भारतीय शेयर बाजार को सहारा दिया। बुधवार को अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज में करीब 3 प्रतिशत, एसएंडपी 500 में 1.58 प्रतिशत और नैस्डैक कंपोजिट में 0.91 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
अमेरिका के मध्यावधि चुनाव के नतीजों और पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीदों ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और विदेशी निवेशकों की खरीदारी भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक माहौल तैयार कर रही है।
आगे भी जारी रह सकती है तेजी
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के अनुसार, भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अनुकूल परिस्थितियां मजबूत हो रही हैं। ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट बाजार के लिए बड़ा सकारात्मक संकेत है। हालांकि, आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाक्रम, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और कंपनियों के प्रदर्शन पर बाजार की दिशा निर्भर करेगी।