मनु तिवारी, लखनऊ। लखनऊ की शान ‘सफ़ेद बारादरी, कैसरबाग’ में इन दिनों रेशमी रंगों की बहार छाई हुई है। मौका है उमंग सिल्क एक्स्पो का, जो 3 अगस्त 2025 तक चलेगा। हर दिन सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक चल रही इस प्रदर्शनी में रेशम के बेहतरीन परिधान और फैशन का शानदार संगम देखने को मिल रहा है।
भव्य फैशन शो से हुआ शुभारंभ
उमंग सिल्क एक्स्पो के आयोजन के तहत एक फैशन शो का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर की खूबसूरत रेशमी साड़ियों का प्रदर्शन हुआ। रैंप पर पारंपरिक पहनावे और आधुनिक फैशन का सुंदर मेल देखने को मिला। खासतौर पर राखी स्पेशल कलेक्शन में साड़ियों और सूटों की नयी रेंज ने दर्शकों का ध्यान खींचा।
पूरे भारत की झलक एक ही छत के नीचे
इस एक्स्पो की सबसे बड़ी खासियत है कि इसमें कश्मीर से कन्याकुमारी तक के बुनकरों और डिज़ाइनरों ने हिस्सा लिया है। हर राज्य की संस्कृति और त्योहारों को साड़ियों और सूटों के डिज़ाइनों में उकेरा गया है। यहां आप कश्मीर की पश्मीना साड़ी से लेकर तमिलनाडु की कांजीवरम तक, महाराष्ट्र की पैठानी से लेकर बंगाल की जामदानी तक – सब कुछ एक ही जगह पर देख और खरीद सकते हैं।
1.5 लाख से ज़्यादा डिज़ाइनों की रेंज
उमंग सिल्क एक्स्पो में इस बार डेढ़ लाख से अधिक वैरायटीज़ और डिज़ाइन उपलब्ध हैं। खास बात ये है कि सारे प्रोडक्ट्स पर आकर्षक छूट भी मिल रही है, जिससे ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही है। राखी और आगामी शादी-विंटर सीज़न को देखते हुए वैवाहिक संग्रह भी खासा लोकप्रिय हो रहा है।
आयोजकों की सोच और उद्देश्य
एक्स्पो के आयोजक आशीष कुमार गुप्ता ने बताया कि “इस आयोजन का मकसद देशभर के सिल्क उत्पादों को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाना है, ताकि लखनऊ के लोग पूरे भारत के रेशमी कारीगरी से जुड़ सकें। हमारे बुनकर और डिज़ाइनर अपनी कला को सीधे ग्राहकों तक पहुंचा पा रहे हैं, जिससे उन्हें भी आर्थिक लाभ मिल रहा है।”

क्या-क्या है खास?
साड़ियों की रेंज: कांजीवरम, उपाडा, गढ़वाल पटोला, बैंगलोर सिल्क, डकारी जामदानी, बनारसी, भागलपुरी, पश्मीना, पैठानी और चंदेरी।
सूट और स्टोल: डिजाइनर कुर्ती, सूट सेट, स्टोल, जैकेट और ब्लाउज़ की नई वैरायटी।
ज्वेलरी कलेक्शन: हैदराबाद की पारंपरिक ज्वेलरी से लेकर मुंबई की वेस्टर्न पैटर्न ज्वेलरी तक, हर स्वाद को ध्यान में रखकर कलैक्शन रखा गया है। मांगटीका, कमरबंद, बैंगल्स और हैवी नेकलेस में खास आकर्षण है।
कलात्मक साड़ियां: बंगाल के बुनकर द्वारा श्रीकृष्ण के नोका विहार को सिल्क पर उकेरना, और कश्मीरी केशर व कहावा से जुड़े डिज़ाइनों ने इस एक्स्पो को कलात्मक ऊंचाई दी है।
राज्यों की खास झलक:
गुजरात की बांधनी, पाटोला और कच्छ की एम्ब्रॉयडरी
तेलंगाना की उपाडा
मध्य प्रदेश की चंदेरी और महेश्वरी
छत्तीसगढ़ की कोसा, मलबरी और घिचा सिल्क
पंजाब की फुलकारी वर्क साड़ी और सूट
फैशन के साथ परंपरा का संगम
इस पूरे आयोजन में रेशमी परिधान सिर्फ कपड़े नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की विरासत का प्रतीक हैं। हर धागा, हर डिज़ाइन एक कहानी कहता है – कभी किसी राज्य के लोक त्योहार की, तो कभी वहां की परंपरा की। यही कारण है कि लोग सिर्फ खरीदारी करने नहीं, बल्कि देशभर की रेशमी कला को देखने और समझने उमंग सिल्क एक्स्पो में आ रहे हैं।
राखी और शादियों के लिए बेस्ट डेस्टिनेशन
राखी के मौके पर बहनों को खास गिफ्ट देने का प्लान है या आने वाली शादियों के लिए खरीदारी करनी है – उमंग सिल्क एक्स्पो लखनऊवासियों के लिए वन स्टॉप डेस्टिनेशन बन चुका है। हर आयु वर्ग के लिए यहां कुछ ना कुछ खास है, और हर बजट के अनुरूप रेंज भी मौजूद है। यह सिर्फ एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि भारत की विविधता और कला का उत्सव है।