रिलायंस JIO एक बार फिर चर्चा में है – इस बार अपने अनुमानित 148 अरब डॉलर के वैल्यूएशन को लेकर। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) की इस टेलीकॉम और डिजिटल शाखा के बारे में विश्लेषकों का मानना है कि जैसे-जैसे कंपनी शेयर बाजार में उतरने की तैयारी कर रही है, उसका मूल्यांकन तेजी से बढ़ सकता है।
मजबूत नकदी प्रवाह और घटता कर्ज बना मजबूती का आधार
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज की एक ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (JPL) का वैल्यूएशन लिस्टिंग के समय तक 148 बिलियन डॉलर (लगभग ₹12.3 लाख करोड़) तक पहुंच सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी की कैश फ्लो स्थिति मजबूत है और कर्ज का बोझ लगातार घट रहा है। यही कारक निवेशकों का भरोसा बढ़ा रहे हैं।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भारती एयरटेल जैसी कंपनियों के वैल्यूएशन मल्टीपल्स में भी जियो की वजह से सुधार हुआ है, क्योंकि जियो का औसत प्रति उपयोगकर्ता राजस्व (ARPU) लगातार बढ़ रहा है।
नए युग की तैयारी: 5G, प्रीमियम यूजर्स और डिजिटल विस्तार
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज का कहना है कि भारत का टेलीकॉम सेक्टर अब एक नए आशावाद के दौर में है। बेहतर टैरिफ स्ट्रक्चर, तेजी से बढ़ता 5G नेटवर्क और प्रीमियम यूजर्स का बढ़ता आधार इस सेक्टर को लंबी रेस का घोड़ा बना रहे हैं।
रिलायंस जियो की 5G सर्विसेज और डिजिटल प्रोडक्ट इकोसिस्टम (जियो फाइबर, जियो टीवी, जियो सिनेमा और जियो एयरफाइबर जैसी सेवाएं) उसकी ग्रोथ को और तेज कर रही हैं।
मुकेश अंबानी ने दी लिस्टिंग की झलक
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने अगस्त में हुई RIL की वार्षिक आम बैठक (AGM) में संकेत दिया था कि “साल 2026 की पहली छमाही में जियो प्लेटफॉर्म्स को शेयर बाजार में सूचीबद्ध कराने की प्रक्रिया शुरू होगी।” इससे पहले भी जियो प्लेटफॉर्म्स ने दुनिया के सबसे बड़े ग्लोबल इन्वेस्टर्स से भारी निवेश जुटाया था, जिसने कंपनी को एक मजबूत पूंजी आधार प्रदान किया।
दुनिया के दिग्गज निवेशक पहले से ही हैं साथ
JIO प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड ने अपने शुरुआती फंडिंग राउंड में दुनिया के 13 शीर्ष निवेशकों से 32.9% हिस्सेदारी के बदले ₹1,52,056 करोड़ जुटाए थे।
इन निवेशकों में शामिल हैं:
फेसबुक (अब मेटा) – 10% हिस्सेदारी
गूगल (अब अल्फाबेट) – 7.7% हिस्सेदारी
सिल्वर लेक, केकेआर, जनरल अटलांटिक, मुबाडाला, एडीआईए, विस्टा इक्विटी, टीपीजी और सऊदी पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड (PIF) जैसे बड़े नाम
वर्तमान में रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास 66.3% हिस्सेदारी है, जबकि बाकी हिस्सेदारी इन अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के पास है।
क्यों खास है जियो की लिस्टिंग?
जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग सिर्फ RIL के लिए नहीं, बल्कि भारतीय पूंजी बाजार के लिए भी ऐतिहासिक पल हो सकती है। यह भारत की सबसे बड़ी डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी बन चुकी है, जिसके पास 45 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं। इसके साथ ही, जियो का डिजिटल बिजनेस मॉडल – जो डेटा, एआई, क्लाउड और कंटेंट सर्विसेज पर आधारित है उसे पारंपरिक टेलीकॉम कंपनियों से आगे खड़ा करता है।
निवेशकों की नजरें IPO पर
विश्लेषकों का अनुमान है कि जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO भारत का अब तक का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम हो सकता है। JIO का मजबूत राजस्व मॉडल, बढ़ता डेटा उपभोग और निरंतर नवाचार निवेशकों के लिए इसे “लॉन्ग टर्म ग्रोथ स्टोरी” बनाता है। फिलहाल कंपनी की रणनीति है कि 2026 से पहले अपने राजस्व और सब्सक्राइबर बेस को स्थिर करे और 5G विस्तार को देश के हर कोने तक पहुंचाए।
डिजिटल भारत की धड़कन
JIO प्लेटफॉर्म्स आज केवल एक टेलीकॉम कंपनी नहीं, बल्कि भारत के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की रीढ़ की हड्डी बन चुकी है। उसकी योजना है कि हर भारतीय घर तक “कनेक्टिविटी + डिजिटल सर्विसेज” पहुंचाई जाएं – चाहे वह शिक्षा, मनोरंजन, ई-कॉमर्स या वित्तीय सेवाएं हों।
साल 2026 में जब जियो प्लेटफॉर्म्स शेयर बाजार में कदम रखेगी, तो यह भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था के अगले चरण की शुरुआत होगी जहां भारतीय निवेशक खुद उस टेक्नोलॉजी क्रांति के हिस्सेदार बनेंगे, जिसने देश के मोबाइल डेटा इस्तेमाल की परिभाषा ही बदल दी।