भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच भी Sedemac Mechatronics के आईपीओ ने निवेशकों को चौंका दिया। बुधवार (11 मार्च) को कंपनी के शेयर शेयर बाजार में मजबूत प्रीमियम के साथ लिस्ट हुए। खास बात यह रही कि जब बाजार में कमजोरी का माहौल था, तब भी इस आईपीओ ने सकारात्मक शुरुआत करते हुए निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया।
NSE और BSE पर प्रीमियम के साथ लिस्टिंग
कंपनी के शेयर National Stock Exchange of India (NSE) पर 1,535 रुपये प्रति शेयर के भाव पर लिस्ट हुए। यह इसके इश्यू प्राइस 1,352 रुपये के मुकाबले लगभग 13.5 प्रतिशत ज्यादा है। वहीं Bombay Stock Exchange (BSE) पर यह शेयर 1,510 रुपये के भाव पर सूचीबद्ध हुए, जो प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर से करीब 11.69 प्रतिशत अधिक था। कमजोर बाजार के बावजूद इस तरह की लिस्टिंग को बाजार विशेषज्ञ सकारात्मक संकेत मान रहे हैं। इससे यह भी पता चलता है कि निवेशकों के बीच कंपनी को लेकर भरोसा बना हुआ है।
ग्रे मार्केट की उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन
आईपीओ की लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट में ज्यादा उत्साह नहीं दिख रहा था। बाजार में चर्चा थी कि इस आईपीओ की लिस्टिंग बहुत खास नहीं रहेगी क्योंकि ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) लगभग शून्य के आसपास था। आमतौर पर GMP से यह संकेत मिलता है कि किसी आईपीओ की लिस्टिंग कैसी हो सकती है। लेकिन इस मामले में वास्तविक लिस्टिंग ग्रे मार्केट की उम्मीदों से बेहतर साबित हुई। इससे यह भी स्पष्ट हुआ कि निवेशकों की वास्तविक मांग और बाजार की धारणा कई बार ग्रे मार्केट के अनुमान से अलग हो सकती है।
आईपीओ को मिला ठीक-ठाक सब्सक्रिप्शन
इस आईपीओ को निवेशकों से मध्यम स्तर की प्रतिक्रिया मिली। तीन दिनों की बोली प्रक्रिया के दौरान यह इश्यू कुल 2.68 गुना सब्सक्राइब हुआ। सब्सक्रिप्शन के आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे ज्यादा रुचि संस्थागत निवेशकों की तरफ से देखने को मिली। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का हिस्सा 8.46 गुना सब्सक्राइब हुआ। वहीं गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) का हिस्सा 0.77 गुना सब्सक्राइब हुआ। खुदरा निवेशकों का हिस्सा अपेक्षाकृत कम रहा और यह केवल 0.20 गुना सब्सक्राइब हुआ। हालांकि कुल मिलाकर आईपीओ को पर्याप्त सब्सक्रिप्शन मिला, जिससे कंपनी को बाजार में सूचीबद्ध होने का रास्ता साफ हो गया।
आईपीओ के जरिए जुटाए गए 1,087 करोड़ रुपये
Sedemac Mechatronics का आईपीओ 4 मार्च को खुला था और 6 मार्च को बंद हुआ था। इसके बाद 9 मार्च को शेयरों का आवंटन तय किया गया। इस बुक-बिल्ट इश्यू के जरिए कंपनी ने कुल 1,087.45 करोड़ रुपये जुटाए। इस आईपीओ के तहत करीब 80.43 लाख इक्विटी शेयर बाजार में पेश किए गए। कंपनी ने इस इश्यू के लिए 1,287 रुपये से 1,352 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था। निवेशकों को कम से कम एक लॉट के लिए आवेदन करना जरूरी था, जिसमें 11 शेयर शामिल थे।
ऑफर फॉर सेल के तहत आया आईपीओ
इस आईपीओ की एक खास बात यह रही कि यह पूरी तरह Offer For Sale (OFS) पर आधारित था। इसका मतलब यह है कि आईपीओ के जरिए जुटाई गई राशि सीधे कंपनी के पास नहीं जाएगी। यह रकम उन मौजूदा प्रमोटरों और शेयरधारकों को मिलेगी जिन्होंने इस इश्यू के माध्यम से अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेचा है। ऐसे आईपीओ में कंपनी का उद्देश्य पूंजी जुटाना नहीं बल्कि मौजूदा निवेशकों को अपनी हिस्सेदारी बेचने का अवसर देना होता है।
कौन था इस आईपीओ का मैनेजर
इस आईपीओ के लिए ICICI Securities ने बुक-रनिंग लीड मैनेजर के रूप में काम किया। वहीं MUFG Intime India को इस इश्यू का रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया था। इन संस्थाओं ने आईपीओ की पूरी प्रक्रिया को संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
निवेशकों के लिए क्या संकेत
कमजोर बाजार के माहौल में भी इस आईपीओ की मजबूत लिस्टिंग निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। इससे यह पता चलता है कि निवेशक अभी भी अच्छी कंपनियों में निवेश के अवसर तलाश रहे हैं। हालांकि बाजार विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि निवेशकों को किसी भी आईपीओ में निवेश करने से पहले कंपनी के बिजनेस मॉडल, वित्तीय स्थिति और भविष्य की संभावनाओं का अच्छी तरह आकलन करना चाहिए। फिलहाल सेडेमैक मेकाट्रॉनिक्स की मजबूत शुरुआत ने यह दिखा दिया है कि सही समय पर और सही मूल्य पर आने वाला आईपीओ बाजार में अच्छा प्रदर्शन कर सकता है।