अंतरराष्ट्रीय बाजार में चल रही हलचल का असर अब भारतीय कमोडिटी बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित डील की खबरों के बीच सोमवार 15 जून को सोने और चांदी के वायदा भाव में तेजी देखने को मिली। निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रमों पर बनी हुई है, जिसके चलते कीमती धातुओं में खरीदारी बढ़ती नजर आई। घरेलू बाजार में सोने और चांदी के वायदा भाव मजबूत शुरुआत के साथ खुले।
सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर सोने का अगस्त कॉन्ट्रैक्ट तेजी के साथ खुला। सोने का वायदा भाव करीब 3,301 रुपये की बढ़त के साथ 1,53,829 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर खुला। इससे पहले इसका पिछला बंद भाव 1,50,528 रुपये था। हालांकि कारोबार के दौरान इसमें कुछ गिरावट आई और खबर लिखे जाने तक सोने का वायदा भाव करीब 1,53,241 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा था। इस दौरान सोने ने 1,53,829 रुपये का ऊपरी स्तर और 1,52,977 रुपये का निचला स्तर भी छुआ।
वहीं चांदी की कीमतों में भी मजबूती देखने को मिली। घरेलू वायदा बाजार में चांदी का भाव करीब 2,52,450 रुपये के आसपास कारोबार करता नजर आया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना और चांदी तेजी के साथ कारोबार कर रहे हैं। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर होने वाली राजनीतिक और आर्थिक घटनाएं अक्सर कीमती धातुओं की कीमतों को प्रभावित करती हैं।
अमेरिका-ईरान खबरों का बाजार पर असर
सोने को हमेशा से अनिश्चित समय में सुरक्षित निवेश यानी Safe Haven Asset माना जाता है। जब भी दुनिया में तनाव, आर्थिक अस्थिरता या बड़े राजनीतिक बदलाव की स्थिति बनती है, तो निवेशक सोने की ओर रुख करते हैं। अमेरिका और ईरान के बीच संबंधों को लेकर आ रही खबरों ने भी बाजार में सतर्कता बढ़ा दी है।
अगर दोनों देशों के बीच किसी समझौते की दिशा में आगे बढ़ने की उम्मीद मजबूत होती है तो इसका असर तेल, डॉलर और वैश्विक बाजारों पर पड़ सकता है। दूसरी तरफ, किसी भी तरह की अनिश्चितता बढ़ने पर सोने की मांग फिर मजबूत हो सकती है। यही वजह है कि निवेशक फिलहाल हर बड़ी अंतरराष्ट्रीय खबर पर नजर बनाए हुए हैं।
डॉलर और ब्याज दरों की भूमिका भी अहम
सोने की कीमतों को प्रभावित करने वाले बड़े कारणों में अमेरिकी डॉलर की मजबूती और ब्याज दरें भी शामिल हैं। आमतौर पर डॉलर मजबूत होने पर सोने की कीमतों पर दबाव आता है, क्योंकि अन्य देशों के लिए सोना महंगा हो जाता है। वहीं डॉलर कमजोर पड़ने पर सोने की मांग बढ़ सकती है।
इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां भी सोने के बाजार को प्रभावित करती हैं। अगर ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ती है तो निवेशक सोने में ज्यादा रुचि दिखा सकते हैं।
इस साल रिकॉर्ड स्तर छू चुका है सोना
सोने के वायदा भाव ने इस साल 1,80,779 रुपये प्रति 10 ग्राम का सर्वोच्च स्तर भी छुआ था। लगातार वैश्विक अनिश्चितताओं, केंद्रीय बैंकों की खरीद और निवेशकों की बढ़ती रुचि के कारण सोने की कीमतों में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
हालांकि बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि सोने और चांदी में तेजी के साथ-साथ जोखिम भी जुड़े हुए हैं। कीमतों में अचानक गिरावट भी आ सकती है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार कई फैक्टर से प्रभावित होता है।
आगे कैसी रह सकती है कीमतों की चाल?
आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों की दिशा अमेरिका-ईरान घटनाक्रम, डॉलर की चाल, वैश्विक महंगाई और ब्याज दरों पर निर्भर करेगी। अगर अंतरराष्ट्रीय तनाव कम होता है तो कीमतों पर दबाव आ सकता है, लेकिन अगर अनिश्चितता बढ़ती है तो कीमती धातुओं में फिर तेजी देखने को मिल सकती है।
फिलहाल सोना और चांदी निवेशकों के रडार पर बने हुए हैं। बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे सिर्फ तेजी देखकर फैसला न लें, बल्कि वैश्विक संकेतों और बाजार की स्थिति को समझकर ही निवेश से जुड़े कदम उठाएं।
अमेरिका-ईरान डील की खबर से सोना-चांदी में तेजी, क्या आगे भी बढ़ेंगे दाम?
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