नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंक पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में शानदार वित्तीय प्रदर्शन किया है। सितंबर 2026 में समाप्त तिमाही के दौरान बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 12.8 प्रतिशत बढ़कर 5,532 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में बैंक ने 4,904 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था। ब्याज से होने वाली आय में बढ़ोतरी और खराब कर्ज के लिए प्रोविजनिंग घटने से बैंक के मुनाफे को मजबूती मिली। हालांकि, इस दौरान नए खराब कर्ज के मामलों में बढ़ोतरी भी देखने को मिली।
ब्याज से होने वाली कमाई में 10.8% की बढ़ोतरी
PNB की मुख्य ब्याज आय में भी अच्छी वृद्धि दर्ज की गई। सितंबर तिमाही में बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) सालाना आधार पर 10.8 प्रतिशत बढ़कर 11,601 करोड़ रुपये हो गई। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 10,469 करोड़ रुपये थी। NII बैंक की ब्याज से होने वाली कमाई और ब्याज पर किए गए खर्च के बीच का अंतर होता है।
बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में भी सुधार हुआ। जून 2026 तिमाही में 2.50 प्रतिशत रहा NIM सितंबर तिमाही में बढ़कर 2.58 प्रतिशत पर पहुंच गया। यानी तिमाही आधार पर इसमें 0.08 प्रतिशत अंक की वृद्धि हुई। इसके अलावा, बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट भी सालाना आधार पर 4.2 प्रतिशत बढ़कर 7,532 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले इसी अवधि में यह 7,227 करोड़ रुपये था।
खराब कर्ज के अनुपात में सुधार
बैंक की एसेट क्वालिटी यानी कर्ज की गुणवत्ता से जुड़े आंकड़ों में भी सुधार दर्ज किया गया। सितंबर 2026 के अंत में PNB का ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) अनुपात घटकर 2.55 प्रतिशत रह गया, जबकि जून तिमाही के अंत में यह 2.78 प्रतिशत था। इसी तरह, नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NNPA) अनुपात भी 0.28 प्रतिशत से घटकर 0.25 प्रतिशत पर आ गया।
खराब कर्ज से संभावित नुकसान की भरपाई के लिए अलग रखी जाने वाली रकम यानी प्रोविजनिंग में भी बड़ी गिरावट आई। सितंबर तिमाही में बैंक की प्रोविजनिंग सालाना आधार पर 84.9 प्रतिशत घटकर 97 करोड़ रुपये रह गई। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 643 करोड़ रुपये थी। जून तिमाही के 541 करोड़ रुपये के मुकाबले भी इसमें 82.1 प्रतिशत की कमी आई।
नए खराब कर्ज के मामले बढ़े
कर्ज की गुणवत्ता के कुछ प्रमुख संकेतकों में सुधार के बावजूद नए खराब कर्ज को लेकर चिंता बनी हुई है। जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान बैंक का फ्रेश स्लिपेज बढ़कर 2,233 करोड़ रुपये हो गया, जबकि जून तिमाही में यह 1,996 करोड़ रुपये था। इस तरह तिमाही आधार पर इसमें 11.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
वहीं, पिछले वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही के 1,812 करोड़ रुपये के मुकाबले फ्रेश स्लिपेज में सालाना आधार पर 23.2 प्रतिशत का इजाफा दर्ज किया गया। कुल मिलाकर, PNB के मुनाफे, ब्याज आय और खराब कर्ज अनुपात में सुधार देखने को मिला है, लेकिन नए खराब कर्ज में बढ़ोतरी पर आगे भी नजर बनी रहेगी।