रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल सर्विसेज कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का बहुप्रतीक्षित आईपीओ अगले हफ्ते निवेशकों के लिए खुलने जा रहा है। कंपनी ने इश्यू के लिए ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। निवेशक 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर 2026 तक आईपीओ में बोली लगा सकेंगे। वहीं, एंकर निवेशकों के लिए बोली प्रक्रिया 19 अक्टूबर को शुरू होगी। कंपनी इस आईपीओ के जरिए अधिकतम ₹30,213 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। यह भारत के सबसे बड़े आईपीओ में शामिल होगा।
12 शेयरों का होगा एक लॉट
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में निवेश करने के लिए एक लॉट में 12 शेयर रखे गए हैं। अपर प्राइस बैंड यानी ₹1,119 प्रति शेयर के हिसाब से एक लॉट के लिए न्यूनतम ₹13,428 निवेश करने होंगे। निवेशक 12 शेयरों के गुणकों में बोली लगा सकेंगे। कंपनी ने पात्र कर्मचारियों के लिए ₹500 करोड़ और पात्र रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरधारकों के लिए ₹2,500 करोड़ के शेयर आरक्षित रखे हैं। पात्र कर्मचारियों को प्रति शेयर ₹54 की छूट भी मिलेगी।
नए शेयर जारी कर जुटाएगी रकम
यह आईपीओ पूरी तरह नए शेयरों पर आधारित होगा। कंपनी करीब 27 करोड़ नए शेयर जारी करेगी। इसमें मौजूदा निवेशक अपनी हिस्सेदारी नहीं बेचेंगे। आईपीओ से जुटाई गई रकम का बड़ा हिस्सा जियो प्लेटफॉर्म्स की एक प्रमुख सब्सिडियरी कंपनी का कर्ज चुकाने में इस्तेमाल किया जाएगा। योजना के मुताबिक, करीब ₹27,500 करोड़ कर्ज के समय से पहले भुगतान पर खर्च किए जाएंगे। इससे समूह की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
कंपनी की आय और मुनाफा कितना?
वित्त वर्ष 2025-26 में जियो प्लेटफॉर्म्स की परिचालन आय लगभग ₹1.47 लाख करोड़ रही, जबकि कंपनी का शुद्ध मुनाफा करीब ₹30,049 करोड़ दर्ज किया गया। कंपनी का बड़ा ग्राहक आधार, टेलीकॉम नेटवर्क और डिजिटल सेवाओं का कारोबार निवेशकों के लिए अहम पहलू होंगे।
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ पर बाजार की नजर रहेगी, क्योंकि इसका आकार देश के अब तक के सबसे बड़े आईपीओ का रिकॉर्ड बना सकता है। हालांकि, निवेश करने से पहले निवेशकों को कंपनी की वित्तीय स्थिति, जोखिमों और आईपीओ दस्तावेजों का अध्ययन करना चाहिए। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है और केवल आईपीओ के आकार या बाजार की चर्चा के आधार पर निवेश का फैसला नहीं लेना चाहिए।