मुंबई। एक पसंदीदा डिश का शौक भी बड़े बिजनेस का आधार बन सकता है। मुंबई के अखिल अय्यर और श्रिया नारायण ने इसे अपनी उद्यमशीलता से साबित करने की कोशिश की है। दोनों ने अच्छी-खासी नौकरियां छोड़कर डोसा बेचने का कारोबार शुरू किया। न उन्हें रेस्टोरेंट चलाने का अनुभव था और न ही बिजनेस की कोई बड़ी डिग्री। इसके बावजूद उन्होंने अपने पसंदीदा डोसे के स्वाद और एक नए बिजनेस आइडिया पर भरोसा किया। आज उनका कैफे ‘Benne’ अपनी लोकप्रियता और कारोबार को लेकर चर्चा में है।
12 सीटों वाले कैफे से हुई शुरुआत
अखिल अय्यर और श्रिया नारायण ने मई 2024 में मुंबई में ‘Benne’ नाम से कैफे शुरू किया। इसकी शुरुआत महज 12 सीटों वाली छोटी-सी जगह से हुई थी। दोनों का उद्देश्य डोसे को स्वाद और गुणवत्ता के साथ ग्राहकों तक पहुंचाना था। उन्होंने बड़े रेस्टोरेंट या विशाल मेन्यू के बजाय एक खास दक्षिण भारतीय व्यंजन पर ध्यान केंद्रित किया।
इस बिजनेस की खासियत यह है कि इसकी शुरुआत किसी बड़े निवेश या रेस्टोरेंट उद्योग के लंबे अनुभव के आधार पर नहीं हुई। दोनों ने एक ऐसे खाद्य उत्पाद को चुना, जिसकी भारतीय ग्राहकों के बीच पहले से अच्छी पहचान है। इसके बाद उन्होंने स्वाद, अनुभव और ग्राहकों की पसंद को कारोबार का आधार बनाया।
रोज बिकते हैं करीब 800 डोसे
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, Benne कैफे में रोजाना करीब 800 डोसे बिकते हैं। इसका मासिक कारोबार लगभग एक करोड़ रुपये बताया जाता है। हालांकि, कारोबार से जुड़ी यह राशि कंपनी के मुनाफे के बराबर नहीं है। किसी भी फूड बिजनेस में किराया, कर्मचारियों की सैलरी, कच्चा माल, बिजली और दूसरे संचालन खर्च भी शामिल होते हैं।
फिर भी, एक छोटे कैफे से शुरू होकर इतनी बड़ी बिक्री तक पहुंचने की कहानी खाद्य कारोबार में मौजूद संभावनाओं को दिखाती है। डोसा जैसे लोकप्रिय व्यंजन को केंद्र में रखकर एक विशिष्ट ब्रांड तैयार करना इस बिजनेस की अहम रणनीति मानी जा सकती है।
बिजनेस के लिए MBA से ज्यादा जरूरी क्या?
अखिल और श्रिया की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन सकती है, जो अपना कारोबार शुरू करना चाहते हैं, लेकिन अनुभव की कमी या बड़े निवेश के कारण पीछे हट जाते हैं। यह उदाहरण बताता है कि बिजनेस शुरू करने के लिए हर बार बड़ी डिग्री या पहले से स्थापित कारोबारी पृष्ठभूमि होना जरूरी नहीं है।
हालांकि, किसी भी कारोबार को सफल बनाने के लिए केवल अच्छा आइडिया पर्याप्त नहीं होता। उत्पाद की गुणवत्ता बनाए रखना, ग्राहकों की जरूरत समझना, खर्चों पर नियंत्रण रखना और लगातार बेहतर सेवा देना भी जरूरी है।
खासतौर पर फूड बिजनेस में स्वाद के साथ स्वच्छता, सामग्री की गुणवत्ता और ग्राहकों का भरोसा लंबे समय तक सफलता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
छोटे आइडिया से बड़ा ब्रांड बनाने की सीख
Benne की कहानी का सबसे दिलचस्प पहलू इसकी शुरुआत है। दो लोगों ने अपने पसंदीदा खाने को बिजनेस के अवसर के रूप में देखा और एक छोटे कैफे से शुरुआत की। मीडिया रिपोर्ट्स में बताए गए बिक्री और कारोबार के आंकड़े इस उद्यम की चर्चा को और बढ़ाते हैं।
यह कहानी बताती है कि कारोबार शुरू करने के लिए हमेशा किसी बिल्कुल नए उत्पाद की जरूरत नहीं होती। कभी-कभी किसी लोकप्रिय चीज को बेहतर अनुभव और स्पष्ट पहचान के साथ पेश करना भी बड़ा अवसर बन सकता है। सही योजना, मेहनत और ग्राहकों के भरोसे से एक छोटा आइडिया भी मजबूत ब्रांड बनने की दिशा में आगे बढ़ सकता है।