इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने डिजिटल सुरक्षा से जुड़े एक गंभीर मामले की जांच शुरू कर दी है। बेंगलुरु की कंपनी eMudhra द्वारा जारी वेब सुरक्षा प्रमाणपत्रों से जुड़ी प्राइवेट कीज की सुरक्षा में चूक सामने आने के बाद मंत्रालय ने विशेष टीम गठित की है। इस मामले में साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने भी एडवाइजरी जारी कर संभावित खतरों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी है।
मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि वह इस घटना को गंभीरता से ले रहा है और संबंधित पक्षों के साथ मिलकर समस्या का जल्द समाधान करने की दिशा में काम कर रहा है।
कमजोर प्राइवेट कीज से कैसे बढ़ सकता है खतरा?
CERT-In के मुताबिक, eMudhra के डिजिटल सर्टिफिकेट्स के लिए इस्तेमाल की गई कुछ प्राइवेट कीज पर्याप्त क्रिप्टोग्राफिक रैंडमनेस के बिना जनरेट की गई थीं। इसके कारण उनके सुरक्षित होने पर सवाल खड़े हुए हैं। यदि कोई साइबर हमलावर इन कीज तक पहुंच बना लेता है, तो वह ऐसे डोमेन के लिए फर्जी सुरक्षा प्रमाणपत्र जारी करने की कोशिश कर सकता है, जिन पर उसका कोई नियंत्रण नहीं है।
इस तरह के प्रमाणपत्रों का दुरुपयोग असली वेबसाइटों की नकल तैयार करने और यूजर्स को धोखा देने में किया जा सकता है। इसके अलावा, हमलावर मैन-इन-द-मिडल अटैक के जरिए दो पक्षों के बीच होने वाले संचार को इंटरसेप्ट करने या उसमें बदलाव करने का प्रयास कर सकता है। ऐसी स्थिति में यूजर्स को कनेक्शन सुरक्षित दिखाई देने के बावजूद उनकी ऑनलाइन गतिविधियों और संवेदनशील जानकारी पर खतरा पैदा हो सकता है।
Mozilla की रिपोर्ट के बाद सामने आया मामला
यह मामला वेब ब्राउजर कंपनी Mozilla की एक रिपोर्ट के बाद सामने आया। रिपोर्ट में eMudhra के आठ इंटरमीडिएट सर्टिफिकेट्स से जुड़ी प्राइवेट कीज की सुरक्षा प्रभावित होने की जानकारी दी गई थी। डिजिटल सर्टिफिकेट इंटरनेट पर वेबसाइटों की पहचान सत्यापित करने और सुरक्षित HTTPS कनेक्शन स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन प्रमाणपत्रों पर भरोसा कमजोर पड़ने से व्यापक वेब सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
eMudhra ने शुरू की जांच
eMudhra ने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही उसने अपनी इंसिडेंट रिस्पॉन्स प्रक्रिया शुरू कर दी। कंपनी प्रभावित प्रमाणपत्रों को नियंत्रित करने के लिए कदम उठा रही है और ब्राउजर कंपनियों तथा रूट-स्टोर ऑपरेटरों के साथ मिलकर काम कर रही है।
कंपनी के अनुसार, प्राइवेट कीज की सुरक्षा प्रभावित होने के कारणों की गहन जांच की जा रही है। साथ ही, सुरक्षा नियंत्रणों और परिचालन प्रक्रियाओं की समीक्षा करके जरूरी सुधार लागू करने की तैयारी है।
फिलहाल, इस मामले में जांच और तकनीकी सुधार महत्वपूर्ण हैं। CERT-In की सलाह और संबंधित संस्थाओं की कार्रवाई से यह तय करने में मदद मिलेगी कि प्रभावित प्रमाणपत्रों से जुड़े जोखिमों को किस तरह सीमित किया जाए और इंटरनेट पर डिजिटल भरोसे को कैसे बनाए रखा जाए।