किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कृषि उपज खरीदने वाला भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (NAFED) अब खुदरा बाजार में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की तैयारी कर रहा है। संस्था की योजना आम उपभोक्ताओं तक अपने उत्पाद सीधे पहुंचाने की है। इसके लिए छह बड़े शहरों में आधुनिक रिटेल स्टोर खोले जाएंगे। साथ ही ऑनलाइन ऑर्डर की डिलीवरी तेज करने के लिए डार्क स्टोर नेटवर्क विकसित करने की तैयारी है।
नैफेड का फोकस उपभोक्ताओं को शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उचित कीमत पर उपलब्ध कराने पर है। संस्था का मानना है कि पैकेजिंग के साथ-साथ ग्राहक अब उत्पाद की गुणवत्ता, शुद्धता और कीमत को भी प्राथमिकता दे रहे हैं।
पांच महीने में 42 करोड़ रुपये की बिक्री
नैफेड के खुदरा कारोबार में वित्त वर्ष 2026-27 के शुरुआती पांच महीनों में तेज ग्रोथ देखने को मिली है। इस अवधि में संस्था ने करीब 42 करोड़ रुपये के उत्पाद बेच दिए हैं। खास बात यह है कि यह बिक्री पिछले पूरे वित्त वर्ष की बिक्री से भी ज्यादा है।
वित्त वर्ष 2025-26 में नैफेड के उत्पादों की कुल बिक्री करीब 32 करोड़ रुपये रही थी। इस साल संस्था ने अपने खुदरा कारोबार को विस्तार देने के साथ कुल 100 करोड़ रुपये की बिक्री का लक्ष्य रखा है। मौजूदा बिक्री रफ्तार को देखते हुए नैफेड को उम्मीद है कि वित्त वर्ष के अंत तक इस लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
इन छह शहरों में खुलेंगे नए स्टोर
नैफेड पहले चरण में छह शहरों में आधुनिक स्टोर खोलने की योजना बना रहा है। इनमें बेंगलूरू, लखनऊ, इंदौर, जयपुर, कोलकाता और गुवाहाटी शामिल हैं।
पहले चरण में राज्यों की राजधानियों और बड़े शहरों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके बाद टियर-2 शहरों और प्रमुख औद्योगिक केंद्रों तक रिटेल नेटवर्क का विस्तार करने की योजना है। इससे नैफेड के उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने में मदद मिलेगी और ग्राहकों को एक ही जगह पर विभिन्न कृषि और खाद्य उत्पाद उपलब्ध हो सकेंगे।
ऑनलाइन डिलीवरी को तेज करने की तैयारी
नैफेड सिर्फ ऑफलाइन स्टोर के जरिए ही नहीं, बल्कि ऑनलाइन बाजार में भी अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है। इसके लिए संस्था अपनी लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को बेहतर बनाने पर काम कर रही है।
फिलहाल नैफेड ई-बाजार से ऑर्डर की डिलीवरी में करीब तीन से चार दिन लगते हैं। इस समय को कम करने के लिए संस्था अपने नए और मौजूदा स्टोरों को डार्क स्टोर के तौर पर इस्तेमाल करने की तैयारी कर रही है। डार्क स्टोर स्थानीय स्तर पर उत्पादों को स्टोर करने वाले केंद्र की तरह काम करेंगे। इससे आसपास के ग्राहकों को ऑनलाइन ऑर्डर जल्द पहुंचाने में मदद मिलेगी।
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध होंगे उत्पाद
नैफेड अपने उत्पादों की ऑनलाइन उपलब्धता बढ़ा रहा है। इसके उत्पाद आधिकारिक पोर्टल के अलावा प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। डार्क स्टोर मॉडल लागू होने के बाद ऑनलाइन ऑर्डर की प्रोसेसिंग और डिलीवरी में तेजी आने की उम्मीद है।
100 करोड़ रुपये की बिक्री का लक्ष्य
नैफेड के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक दीपक कुमार के मुताबिक, मौजूदा समय में ग्राहक पैकिंग के साथ शुद्धता और सही कीमत को भी काफी महत्व दे रहे हैं। इसी बदलती मांग को देखते हुए संस्था अपने खुदरा कारोबार का विस्तार कर रही है।
पांच महीनों में 42 करोड़ रुपये की बिक्री के बाद नैफेड को भरोसा है कि चालू वित्त वर्ष में 100 करोड़ रुपये के बिक्री लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। छह शहरों में नए स्टोर, टियर-2 शहरों में विस्तार और डार्क स्टोर नेटवर्क इस रणनीति के प्रमुख हिस्से हैं। इससे किसानों से जुड़े सहकारी संगठन की सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंच और मजबूत होने की उम्मीद है।