देश में तेजी से लोकप्रिय हो रही क्विक कॉमर्स कंपनी ब्लिंकिट की एंबुलेंस सेवा में बड़ा बदलाव किया गया है। अब इस सेवा के तहत गैर-आपातकालीन मरीजों को एंबुलेंस से अस्पताल ले जाने या घर छोड़ने के लिए 2,500 रुपये का भुगतान करना होगा। हालांकि, गंभीर स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने वाली इमरजेंसी एंबुलेंस सेवा पहले की तरह पूरी तरह मुफ्त रहेगी। कंपनी के इस फैसले का उद्देश्य आपातकालीन एंबुलेंस की उपलब्धता को जरूरतमंद मरीजों के लिए सुनिश्चित करना है।
गैर-इमरजेंसी सेवाओं पर लगेगा शुल्क
Eternal के संस्थापक और ब्लिंकिट से जुड़े दीपिंदर गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कंपनी की एंबुलेंस सेवा का इस्तेमाल बड़ी संख्या में लोग नियमित मेडिकल चेकअप, अस्पताल आने-जाने और अस्पताल से घर तक मरीजों को पहुंचाने के लिए कर रहे थे।
गोयल के मुताबिक, इस तरह के सामान्य सफर के लिए निजी वाहन, टैक्सी या सामान्य एंबुलेंस सेवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन जब पूरी तरह से मेडिकल सुविधाओं से लैस एंबुलेंस और प्रशिक्षित पैरामेडिक्स ऐसे सामान्य मामलों में व्यस्त रहते हैं, तो किसी गंभीर मरीज को तत्काल सहायता मिलने में परेशानी हो सकती है।
इसी समस्या को देखते हुए कंपनी ने गैर-आपातकालीन यात्राओं के लिए 2,500 रुपये का शुल्क निर्धारित किया है। गोयल का कहना है कि यह कीमत निजी एंबुलेंस संचालकों की ओर से ली जाने वाली दरों के लगभग अनुरूप है।
इमरजेंसी मरीजों के लिए सेवा रहेगी मुफ्त
कंपनी ने साफ किया है कि आपातकालीन परिस्थितियों में एंबुलेंस सेवा के लिए मरीजों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि दुर्घटना, गंभीर बीमारी या जानलेवा मेडिकल इमरजेंसी के दौरान लोगों को समय पर एंबुलेंस उपलब्ध हो सके।
दीपिंदर गोयल ने बताया कि पिछले दो वर्षों में ब्लिंकिट एंबुलेंस सेवा ने करीब 20 हजार इमरजेंसी मामलों में मरीजों की मदद की है। इस दौरान कुल मिलाकर लगभग 42 हजार मरीजों को सेवा उपलब्ध कराई गई और किसी भी सेवा के लिए उनसे शुल्क नहीं लिया गया।
एंबुलेंस सेवा के विस्तार में लगेगा पैसा
गैर-आपातकालीन सेवाओं से मिलने वाला पूरा पैसा Eternal Foundation को दिया जाएगा। यही फाउंडेशन एंबुलेंस सेवा का संचालन करती है और इस राशि का इस्तेमाल नेटवर्क के विस्तार में किया जाएगा।
गोयल ने यह भी बताया कि इस सेवा का विस्तार करने में सबसे बड़ी चुनौती प्रशिक्षित और संवेदनशील पैरामेडिक्स की उपलब्धता है। इसके लिए कंपनी की ट्रेनिंग एकेडमी को मजबूत किया जा रहा है, ताकि अधिक लोगों को प्रशिक्षित किया जा सके और सेवा की गुणवत्ता भी बनी रहे।
10 मिनट में एंबुलेंस पहुंचाने की पहल
ब्लिंकिट एंबुलेंस सेवा की शुरुआत वर्ष 2025 में गुरुग्राम से की गई थी। इसका उद्देश्य जरूरत के समय मरीजों तक तेजी से मेडिकल सहायता पहुंचाना है। कंपनी की 10 मिनट में एंबुलेंस पहुंचाने की पहल को शहरी क्षेत्रों में आपातकालीन चिकित्सा परिवहन की सुविधा बेहतर बनाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
गैर-इमरजेंसी यात्राओं पर शुल्क लगाने का फैसला इसी सेवा को गंभीर मरीजों के लिए अधिक उपलब्ध रखने की कोशिश है। कंपनी का लक्ष्य है कि मेडिकल सुविधाओं से लैस एंबुलेंस सामान्य यात्राओं में व्यस्त रहने के बजाय उन लोगों के काम आ सकें, जिन्हें वास्तव में तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत है।