प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Yojana) से जुड़े करोड़ों किसानों के लिए सरकार ने एक अहम अलर्ट जारी किया है। अगर आप इस योजना की 22वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं, तो अब केवल e-KYC काफी नहीं होगी। सरकार ने साफ कर दिया है कि यूनिक किसान ID (Farmer ID) के बिना अगली किस्त अटक सकती है। ऐसे में समय रहते यह जरूरी काम पूरा करना बेहद अहम हो गया है।
PM किसान योजना क्या है और क्यों है खास
PM किसान योजना की शुरुआत साल 2019 में की गई थी। इसका उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को सीधी आर्थिक मदद देना है। इस योजना के तहत केंद्र सरकार किसानों को हर साल ₹6000 की सहायता देती है, जो ₹2000 की तीन किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। यह रकम खेती के खर्च, बीज, खाद और घरेलू जरूरतों में बड़ी राहत देती है। अब तक योजना की 21 किस्तें जारी हो चुकी हैं और करोड़ों किसान इसका लाभ उठा चुके हैं।
22वीं किस्त से पहले क्यों जरूरी हो गई किसान ID
सरकार अब PM किसान योजना को और ज्यादा पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाना चाहती है। इसी दिशा में यूनिक किसान ID को अनिवार्य किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगेगी और सरकारी पैसा सही किसान तक पहुंचेगा। जिन किसानों की किसान ID नहीं बनी होगी, उनकी ₹2000 की अगली किस्त रोकी जा सकती है।
क्या है यूनिक किसान ID
यूनिक किसान ID दरअसल किसान की एक डिजिटल पहचान है। इसमें किसान की पूरी कृषि प्रोफाइल दर्ज होती है। इसमें जमीन का रिकॉर्ड, बोई गई फसल, खाद-बीज का उपयोग, पशुपालन और कृषि से होने वाली आय जैसी जानकारियां शामिल होती हैं। सरकार भविष्य में सभी कृषि योजनाओं को इसी ID से जोड़ने की तैयारी कर रही है।
किसान ID बनने से क्या-क्या फायदे होंगे
यूनिक किसान ID बनने के बाद किसानों को कई बड़े फायदे मिलेंगे। खाद और बीज पर मिलने वाली सब्सिडी समय पर मिलेगी। फसल बीमा का क्लेम करना आसान होगा। अलग-अलग सरकारी योजनाओं में बार-बार दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सबसे अहम बात यह है कि सरकारी मदद सीधे किसान तक पहुंचेगी और बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी।
किसान ID के लिए जरूरी दस्तावेज
किसान ID बनवाने के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज चाहिए। सबसे अहम है आधार कार्ड, जो मोबाइल नंबर से लिंक होना चाहिए। इसके अलावा जमीन से जुड़े कागजात जरूरी होते हैं। कुछ राज्यों में राशन कार्ड या फैमिली ID भी मांगी जा सकती है। दस्तावेज पूरे होने पर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया काफी आसान हो जाती है।
किसान ID और e-KYC कैसे करें
किसान अपने राज्य के AgriStack पोर्टल या कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आधार OTP के जरिए e-KYC पूरी की जाती है। जिन किसानों को ऑनलाइन प्रक्रिया में दिक्कत आती है, वे नजदीकी CSC सेंटर पर जाकर बायोमेट्रिक KYC भी करवा सकते हैं। सरकार ने कई गांवों में पंचायत स्तर पर कैंप भी लगाए हैं, ताकि किसान बिना परेशानी यह प्रक्रिया पूरी कर सकें।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
सरकार की यह नई व्यवस्था किसानों के हित में लाई गई है। इसलिए बेहतर यही है कि किसान जल्द से जल्द अपनी यूनिक किसान ID बनवा लें और e-KYC पूरा कर लें। थोड़ी सी सतर्कता से ₹2000 की किस्त रुकने से बचाई जा सकती है, साथ ही आने वाले समय में सभी सरकारी योजनाओं का लाभ भी आसानी से मिलता रहेगा।