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The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation > ट्रेंडिंग खबरें > Russian Oil Impact: सूरजमुखी तेल में भी रूस की भारत में एंट्री
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Russian Oil Impact: सूरजमुखी तेल में भी रूस की भारत में एंट्री

Last updated: 01/11/2025 1:59 PM
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Industrial empire correspondent
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Russian Oil Impact in India | रूस का बढ़ता प्रभाव भारत की रसोई तक | Sunflower Oil Trade 2025
2024-25 में रूस बना भारत का सबसे बड़ा सूरजमुखी तेल आपूर्तिकर्ता, यूक्रेन को पछाड़ कर हासिल की बढ़त।
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Russian Oil Impact: रूस का नाम अब सिर्फ कच्चे तेल (Crude Oil) के व्यापार तक सीमित नहीं रह गया है। भारत की रसोई में भी अब रूसी असर साफ़ दिखने लगा है। बीते चार सालों में रूस ने सूरजमुखी तेल (Sunflower Oil) के क्षेत्र में भी अपनी मजबूत पकड़ बना ली है। जहां कभी भारत यूक्रेन पर निर्भर था, वहीं साल 2024 में रूस भारत का सबसे बड़ा सूरजमुखी तेल आपूर्तिकर्ता (Supplier) बन गया। यह बदलाव न केवल व्यापारिक है, बल्कि भारत की खाद्य सुरक्षा और आपूर्ति शृंखला के लिहाज़ से भी बेहद अहम है।

कैसे बदली तस्वीर
रूस-यूक्रेन युद्ध ने दुनियाभर के खाद्य और तेल बाज़ारों को झकझोर दिया। यूक्रेन, जो पहले सूरजमुखी तेल का सबसे बड़ा निर्यातक था, अब अपनी ज्यादातर खेप यूरोपीय देशों को भेज रहा है। भारत तक पहुंचाने में सड़क और रेल मार्ग की जटिलता और बढ़ी हुई लागत ने उसकी सप्लाई को कमजोर कर दिया। वहीं दूसरी ओर, रूस ने इस मौके को अवसर में बदला – अपनी बड़ी फसल को सीधे भारतीय बंदरगाहों तक पहुंचाया और प्रतिस्पर्धी कीमतों पर आपूर्ति शुरू की।

इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ सनफ्लावर ऑयल के अध्यक्ष संदीप बाजोरिया के मुताबिक, 2024 में भारत ने रूस से 2.09 मिलियन टन सूरजमुखी तेल आयात किया, जो 2021 की तुलना में करीब 12 गुना ज्यादा है।

भारत के लिए सूरजमुखी तेल की अहमियत
भारत में खाने के तेलों में सूरजमुखी तेल की खपत लगातार बढ़ रही है। यह देश में सबसे ज्यादा उपयोग किए जाने वाले तेलों में तीसरे स्थान पर है – पहले नंबर पर पाम ऑयल और दूसरे पर सोयाबीन तेल आता है। सूरजमुखी तेल को हल्का, कोलेस्ट्रॉल-फ्री और स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है। लेकिन देश में इसका उत्पादन बेहद सीमित है – कुल खपत का मात्र 5 फीसदी से भी कम। इसलिए भारत को अपनी जरूरत का लगभग पूरा तेल आयात करना पड़ता है। युद्ध से पहले तक यह आयात ज्यादातर यूक्रेन से आता था, लेकिन अब रूस ने प्रतिस्पर्धी दामों और स्थिर सप्लाई के बल पर भारतीय बाजार में मजबूत जगह बना ली है।

रूस के लिए भारत क्यों है बड़ा बाजार
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा खाद्य तेल आयातक देश है। रूस के लिए यह बाजार रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है – क्योंकि भारत न केवल बड़ा खरीदार है, बल्कि स्थायी व्यापारिक साझेदार भी है। रूस के पास काला सागर के ज़रिए सस्ते समुद्री रास्ते हैं, जिससे भारत तक पहुंचना आसान हो जाता है। यही वजह है कि रूस भारतीय बाजार के लिए भरोसेमंद सप्लायर बन गया है।

भारत-रूस संबंध और भरोसे की नई डोर
हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को और मज़बूत करने के प्रयास तेज़ हुए हैं। सितंबर 2025 में Solvent Extractors’ Association (SEA) का एक प्रतिनिधिमंडल रूस गया था, जहां तेल व्यापार से जुड़ी कंपनियों और सरकारी अधिकारियों के साथ बैठकें हुईं। इस दौरे का उद्देश्य आपूर्ति श्रृंखला को और स्थिर बनाना तथा दीर्घकालिक समझौते सुनिश्चित करना था। विशेषज्ञों का मानना है कि रूस अब भारत के लिए केवल एक ऊर्जा साझेदार नहीं, बल्कि एग्री-ट्रेड पार्टनर के रूप में भी उभर रहा है। भविष्य में सूरजमुखी तेल की आपूर्ति में रूस की भूमिका और भी महत्वपूर्ण होने की संभावना है।

यूक्रेन से रूस की ओर झुका भारत का भरोसा
यूक्रेन से पहले भारत को स्थिर और गुणवत्तापूर्ण सूरजमुखी तेल की सप्लाई मिलती थी, लेकिन युद्ध के बाद स्थिति बदल गई। अब यूरोप को प्राथमिकता मिलने के कारण भारत के लिए वहां से आयात कठिन हो गया है। रूस ने इस कमी को तुरंत पूरा किया – न केवल दामों में राहत देकर, बल्कि लगातार सप्लाई बनाए रखकर भी। इस रणनीति ने भारतीय बाजार में रूस की पकड़ को और मजबूत कर दिया है।

रूस बना भारत की रसोई का नया साथी
भारत के लिए सूरजमुखी तेल केवल एक कुकिंग ऑयल नहीं, बल्कि रोज़मर्रा की ज़रूरत है। रूस की सस्ती और स्थिर सप्लाई ने भारत की रसोई को नया साथी दे दिया है। जहां एक ओर यूक्रेन युद्ध से जूझ रहा है, वहीं रूस ने आर्थिक और व्यापारिक मोर्चे पर स्मार्ट प्ले किया है। आने वाले समय में अगर यही रफ्तार रही, तो न सिर्फ कच्चे तेल में बल्कि खाद्य तेल के बाजार में भी रूस भारत का सबसे भरोसेमंद साझेदार बन सकता है यानी अब भारत की ऊर्जा से लेकर रसोई तक, हर जगह रूस की मौजूदगी महसूस की जा सकती है।

TAGGED:Crude Oil MarketEnergy NewsFeaturedFood Oil ImportIndustrial EmpireRussia India TradeRussian Oil ImpactSunflower Oil IndiaUkraine War
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