नई दिल्ली। दो कारोबारी सत्रों की तेजी के बाद सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में एक बार फिर बिकवाली हावी हो गई। मजबूत शुरुआत के बावजूद आईटी, बैंकिंग और एफएमसीजी शेयरों में दबाव के चलते सेंसेक्स दिन के ऊपरी स्तर से 1,000 अंकों से ज्यादा फिसल गया। वहीं, निफ्टी भी 22,400 के अहम स्तर से नीचे कारोबार करता नजर आया। रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL), ICICI बैंक और भारती एयरटेल जैसे हैवीवेट शेयरों की कमजोरी ने बाजार पर दबाव बढ़ाया। रिजर्व बैंक के कैश रिजर्व रेश्यो (CRR) से जुड़े सख्त नियमों और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई।
सेंसेक्स और निफ्टी में कितनी गिरावट?
कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स 72,884 के स्तर तक पहुंचा था, लेकिन बाद में बिकवाली बढ़ने से इसमें तेज गिरावट दर्ज की गई। दोपहर करीब 1 बजे सेंसेक्स 540 अंक गिरकर 71,930 के आसपास कारोबार कर रहा था। इसी तरह निफ्टी 136 अंक टूटकर 22,384 के स्तर पर आ गया, जबकि सुबह इसने 22,651 का उच्च स्तर छुआ था।
हालांकि, व्यापक बाजार में कुछ मजबूती भी देखने को मिली। मिडकैप इंडेक्स हल्की बढ़त में रहा, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स करीब 1.3 फीसदी ऊपर कारोबार कर रहा था। दूसरी ओर, इंडिया VIX में 7 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई और यह 15.40 के आसपास पहुंच गया। VIX में बढ़ोतरी बाजार में बढ़ती अस्थिरता का संकेत देती है।
ITC और टेक महिंद्रा समेत कई शेयर टूटे
निफ्टी के प्रमुख शेयरों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला। टेक महिंद्रा का शेयर नतीजों से पहले करीब 3.6 फीसदी गिर गया। ITC में 2.6 फीसदी, जबकि भारती एयरटेल और SBI में करीब 1.8 फीसदी की कमजोरी दर्ज की गई।
इसके विपरीत, बजाज ऑटो, डॉ. रेड्डीज, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) और BSE के शेयरों में लगभग 1 फीसदी की तेजी रही। इससे स्पष्ट हुआ कि बाजार में गिरावट के बावजूद कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी जारी थी।
SBI सिक्योरिटीज के फंडामेंटल रिसर्च प्रमुख सनी अग्रवाल के मुताबिक, शुरुआती बढ़त के बाद बेंचमार्क इंडेक्स में बिकवाली तेज हुई। रिलायंस इंडस्ट्रीज, ICICI बैंक और भारती एयरटेल ने निफ्टी की गिरावट में प्रमुख योगदान दिया।
CRR के नियमों से बैंकिंग शेयरों पर दबाव
बाजार में बैंकिंग शेयरों की कमजोरी की एक वजह रिजर्व बैंक से जुड़े CRR नियमों में बदलाव भी रहा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बैंकों के दैनिक कैश रिजर्व रेश्यो अनुपालन की सीमा 90 फीसदी से बढ़ाकर 99 फीसदी की गई है।
CRR वह नकदी है, जिसे बैंकों को अपनी निर्धारित देनदारियों के अनुपात में रिजर्व बैंक के पास रखना होता है। दैनिक अनुपालन की सीमा बढ़ने से बैंकों को नकदी प्रबंधन अधिक सावधानी से करना पड़ सकता है।
ग्लोबल निवेश बैंक जेफरीज के अनुसार, इस बदलाव का बैंकों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर हल्का दबाव पड़ सकता है। इसी बीच निफ्टी बैंक इंडेक्स में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। रिजर्व बैंक की ओर से मंगलवार को 25,000 करोड़ रुपये के सरकारी बॉन्ड की बिक्री की घोषणा भी बाजार की नजर में रही।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली बनी चिंता
लगातार विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली भी घरेलू बाजार के लिए चुनौती बनी हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 9 अक्टूबर को FIIs ने लगातार 11वें कारोबारी सत्र में शुद्ध बिकवाली की। उस दिन उनकी शुद्ध बिकवाली करीब 3,568 करोड़ रुपये रही।
दो सत्रों की तेजी के बाद मुनाफावसूली ने भी बाजार की गिरावट को बढ़ाया। वहीं, इंडिया VIX में उछाल से संकेत मिला कि निकट अवधि में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
निफ्टी के लिए ये स्तर अहम
SBI सिक्योरिटीज के सनी अग्रवाल के अनुसार, निफ्टी के लिए 22,220 का स्तर महत्वपूर्ण है। यदि इंडेक्स इसके नीचे फिसलता है, तो 22,050 से 22,070 के दायरे में अगला सपोर्ट मिल सकता है। वहीं, 22,550 के ऊपर टिकने पर निफ्टी में 22,700 तक की तेजी की संभावना बन सकती है।
ऑप्शंस बाजार में 22,400 और 22,500 की स्ट्राइक पर कॉल राइटिंग देखने को मिली, जबकि 22,300 की स्ट्राइक पर पुट ओपन इंटरेस्ट अधिक रहा। इसके बाद 22,200 का स्तर भी कारोबारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फिलहाल बाजार की दिशा विदेशी निवेशकों की गतिविधियों, बैंकिंग शेयरों के प्रदर्शन और रिजर्व बैंक से जुड़े घटनाक्रमों पर निर्भर करेगी। निवेशकों के लिए बाजार में बढ़ती अस्थिरता को ध्यान में रखना जरूरी है।